मूल प्रवृत्तियों का वर्गीकरण

Mool Pravritiyon Ka Vargikarann

Pradeep Chawla on 18-10-2018


मैक्डूगल के अनुसार-संवेग उत्पन्न होने पर जो क्रिया होती है उसे मूल प्रवृत्ति कहलाती है

प्रत्येक मूल प्रवृत्ति के साथ एक संवेग जुड़ा रहता है।

मूल प्रवृत्ति----संवेग

1.पलायन----भय

2.युयुत्सा----क्रोध

3.निवृत्ति----घृणा

4.पुत्रकामना----वात्सल्य

5.शरणागत----करूणा

6.काम प्रवृत्ति----कामुकता

7.जिज्ञासा----आश्चर्य

8.दीनता----आत्महीनता

9.आत्मगौरव----आत्माभिमान

10.सामूहिकता----अकेलापन

11.भोजनान्वेषण----भूख

12.संग्रह----अधिकार

13.रचना----कृति

14.हास्य----मनोविनोद



सिगमंड फ्रायड ने व्यक्तित्व की 2 ही मूल प्रवृत्तियाँ बताई है।1.जीवन 2.मृत्यु।

प्रेम,स्नेह व काम प्रवृत्ति को लिविडो कहते है ं।

लड़को मे ऑडिपस ग्रन्थि पाई जाती है।

लड़कियो मे इलेक्ट्रा ग्रन्थि पाई जाती है।



Comments Arun kumar on 27-12-2020

Mool pravartit ko 14 prakar se kisne vargikrit kiya h

Abhishek Verma on 12-05-2019

Classification of instincts with age



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