मूल प्रवृत्ति का सिद्धांत

Mool Pravriti Ka Sidhhant

Pradeep Chawla on 20-09-2018


मैक्डूगल के अनुसार-'संवेग उत्पन्न होने पर जो क्रिया होती है उसे मूल प्रवृत्ति कहलाती है'
प्रत्येक मूल प्रवृत्ति के साथ एक संवेग जुड़ा रहता है।
मूल प्रवृत्ति----संवेग

1.पलायन----भय
2.युयुत्सा----क्रोध
3.निवृत्ति----घृणा
4.पुत्रकामना----वात्सल्य
5.शरणागत----करूणा
6.काम प्रवृत्ति----कामुकता
7.जिज्ञासा----आश्चर्य
8.दीनता----आत्महीनता
9.आत्मगौरव----आत्माभिमान
10.सामूहिकता----अकेलापन
11.भोजनान्वेषण----भूख
12.संग्रह----अधिकार
13.रचना----कृति
14.हास्य----मनोविनोद

*सिगमंड फ्रायड ने व्यक्तित्व की 2 ही मूल प्रवृत्तियाँ बताई है।1.जीवन 2.मृत्यु।
*प्रेम,स्नेह व काम प्रवृत्ति को 'लिविडो' कहते है ं।
*लड़को मे ऑडिपस ग्रन्थि पाई जाती है।
*लड़कियो मे इलेक्ट्रा ग्रन्थि पाई जाती है।



Comments Diksha on 30-12-2020

Mul pravatiyo ka sidhant kis book me h

Bindiya on 18-07-2020

मुलपप्रवृति का सिद्धान्त

Mul Parvati Kya h on 20-05-2020

Mul Parvati Kya Kya h

RDX on 29-02-2020

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार किस विधि से मुल प्रवर्तियो में परिवर्तन लाया जा सकता है

Neelam yadav on 15-12-2019

Mac dugal ka pura naam kya hai

Muskan on 29-06-2019

Macdoogal ki mool praviti me Sambhand me alochko ke mat


Akhil on 12-05-2019

Makedugl ke anusar mul prvitiya kitni h

Prakash Chandra shrivastava on 16-04-2019

Mul pravirti ko kaha jata hai



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