भरत मुनि का जीवन परिचय

Bharat Muni Ka Jeevan Parichay

Pradeep Chawla on 23-09-2018

भरत मुनि ने नाट्य शास्त्र लिखा। इनका समय विवादास्पद हैं। इन्हें 400 ई॰पू॰ 100 ई॰ सन् के बीच किसी समय का माना जाता है। भरत बड़े प्रतिभाशाली थे। इतना स्पष्ट है कि भरतमुनि रचित नाट्यशास्त्र से परिचय था। इनका 'नाट्यशास्त्र' भारतीय नाट्य और काव्यशास्त्र का आदिग्रन्थ है।इसमें सर्वप्रथम रस सिद्धांत की चर्चा तथा इसके प्रसिद्द सूत्र -'विभावानुभाव संचारीभाव संयोगद्रस निष्पति:" की स्थापना की गयी है| इसमें नाट्यशास्त्र, संगीत-शास्त्र, छंदशास्त्र, अलंकार, रस आदि सभी का सांगोपांग प्रतिपादन किया गया है। 'भारतीय नाट्यशास्त्र' अपने विषय का आधारभूत ग्रन्थ माना जाता है। कहा गया है कि भरतमुनि रचित प्रथम नाटक का अभिनय, जिसका कथानक 'देवासुर संग्राम' था, देवों की विजय के बाद इन्द्र की सभा में हुआ था। आचार्य भरत मुनि ने अपने नाट्यशास्त्र की उत्पत्ति ब्रह्मा से मानी है क्योकि शंकर ने ब्रह्मा को तथा ब्रह्मा ने अन्य ऋषियो को काव्य शास्त्र का उपदेश दिया। विद्वानों का मत है कि भरतमुनि रचित पूरा नाट्यशास्त्र अब उपलब्ध नहीं है। जिस रूप में वह उपलब्ध है, उसमें लोग काफ़ी क्षेपक बताते हैं



Comments Sahano Khatoon on 15-10-2021

Bharat muni shlok

Abhishek Kumar on 28-07-2021

Sir bharat muni ji ka sampurn jivan parichay dijiye hamen

Sunaina on 07-07-2021

Bharat muni ke kitne putra the

sonali kaushal on 06-04-2021

भरत मुनि के कितने पुत्र थे

Mangesh on 16-10-2020

Bartmuni natya sasatar me kitane aaday he

Bharata muni, history on 16-03-2020

Bharat muni, history


Kapil munni shashata kisne likha on 11-01-2020

Kapil muni ka shashata kisne likha

Ashwin pal on 20-06-2019

Bhrat muni story in hindi

Ashwin pal on 20-06-2019

Son of Bharat muni

Bharat muni on 12-05-2019

Bharat muni k kitne putra the

भारत मुनि कृत नाट्य शास्त्र on 10-05-2019

शास्त्र

Falguni on 22-09-2018

Bhart muni ka jivan parichay




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