सरस्वती पत्रिका के लेखक

Saraswati Patrika Ke Lekhak

GkExams on 18-11-2018


सरस्वती हिन्दी साहित्य की प्रसिद्ध रूपगुणसम्पन्न प्रतिनिधि पत्रिका थी। इस पत्रिका का प्रकाशन इलाहाबाद से सन 1900 ई0 के जनवरी मास में प्रारम्भ हुआ था। 32 पृष्ठ की क्राउन आकार की इस पत्रिका का मूल्य 4 आना मात्र था। 1903 ई0 में महावीर प्रसाद द्विवेदी इसके संपादक हुए और 1920 ई0 तक रहे। इसका प्रकाशन पहले झाँसी और फिर कानपुर से होने लगा था।



महवीर प्रसाद द्विवेदी के बाद पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, देवी दत्त शुक्ल, श्रीनाथ सिंह, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, देवीलाल चतुर्वेदी और श्रीनारायण चतुर्वेदी सम्पादक हुए। 1905 ई0 में काशी नागरी प्रचारिणी सभा का नाम मुखपृष्ठ से हट गया।



1903 में महावीर प्रसाद द्विवेदी ने इसका कार्यभार संभाला। एक ओर भाषा के स्तर पर और दूसरी ओर प्रेरक बनकर मार्गदर्शन का कार्य संभालकर द्विवेदी जी ने साहित्यिक और राष्ट्रीय चेतना को स्वर प्रदान किया। द्विवेदी जी ने भाषा की समृद्धि करके नवीन साहित्यकारों को राह दिखाई। उनका वक्तव्य है :



हमारी भाषा हिंदी है। उसके प्रचार के लिए गवर्नमेंट जो कुछ कर रही है, सो तो कर ही रही है, हमें चाहिए कि हम अपने घरों का अज्ञान तिमिर दूर करने और अपना ज्ञानबल बढ़ाने के लिए इस पुण्यकार्य में लग जाएं।



महावीरप्रसाद द्विवेदी ने ‘सरस्वती’ पत्रिका के माध्यम से ज्ञानवर्धन करने के साथ-साथ नए रचनाकारों को भाषा का महत्त्व समझाया व गद्य और पद्य के लिए राह निर्मित की। महावीर प्रसाद द्विवेदी की यह पत्रिका मूलतः साहित्यिक थी और हरिऔध, मैथिलीशरण गुप्त से लेकर कहीं-न-कहीं निराला के निर्माण में इसी पत्रिका का योगदान था परंतु साहित्य के निर्माण के साथ राष्ट्रीयता का प्रसार करना भी इनका उद्देश्य था। भाषा का निर्माण करना साथ ही गद्य-पद्य के लिए खड़ी बोली को ही प्रोत्साहन देना इनका सबसे महत्त्वपूर्ण कार्य था।



मई 1976 के बाद इसका प्रकाशन बन्द हो गया।लगभग अस्सी वर्षों तक यह पत्रिका निकली I अंतिम बीस वर्षों तक इसका सम्पादन पंडित श्रीनारायण चतुर्वेदी ने किया



Comments Riya on 31-01-2021

Ascaris ka sicentic name

Anjali singh on 06-01-2020

महावीर प्रसाद द्विवेदी

रामेश्वर on 20-12-2019

Saraswati Patrika ke lekhak ka naam

Anand Singh Parihar on 27-11-2018

Dear sir
I want to require a photocopy of given detail below 
1) In 1938 Shri Chand karan shardha article published in "Sarswati patrika" page number 347but month is not know may be possible in part of 1,3or4
2) Munshi Devi Prasads article published 0n 12 April 1912 in "Sansar patrika"
You are requested to provide a photocopy of said details 
Thanks and Regards 
Anand Singh Parihar 
Plot no 8
Anand - Mangal 
Old loco shed main road 
Ratanada Jodhpur Rajasthan 
Pin number 342011 
Mobile number 9928666521 


gopal lohar on 11-07-2018

Sarsvtisandhr na lekhk kon se??



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