राजस्थान में वायु परिवहन

Rajasthan Me Vayu Parivahan

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GkExams on 12-05-2019

राजस्थान मे वायु परिवहन-

राजस्थान में वायु परिवहन का विकास अति सीमित हुआ है राज्य के केवल तीन नगर अर्थात जयपुर जोधपुर उदयपुर मे ही नियमित वायु सेवाओं से जुड़े हुए हैं वायुदूत की सेवाओं के अंतर्गत जैसलमेर बीकानेर कोटा के मध्य वायु सेवा प्रदान करने के प्रयत्न किए गए किंत वअभी भी नियमित वायुसेवा इन नगरो के मध्य प्रारंभ नहीं हो पायी कोटा और बीकानेर से शीघ्र वायु सेवा प्रारंभ होने की संभावना है जयपुर के हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्वरुप दिया जा चुका है अजमेर के लिए वायु सेवा प्रारंभ करने हेतु किशनगढ़ में हवाई अड्डा बनाने का कार्य प्रारंभ हो चुका है वास्तव में राजस्थान जैसे बड़े राज्य में पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र वायु सेवा का विस्तार आवश्यक राज्य में पर्यटन उद्योग आदि को बढ़ावा देने हेतु वायु सेवा प्रारंभ होना आवश्यक है क्योंकि इसी की सहायता से राज्य का आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी और राज्य का देश और विदेश के अन्य भागों से सर संपर्क संभव हो सकेगा



राजस्थान में सर्वप्रथम 1929 में जोधपुर के महाराजा श्री उम्मेदसिह ने फ्लाइंग क्लब खोला था



राजस्थान में जुलाई 1950 में 2 वायु सेवाएं कार्य कर रही थी एक एयर इंडिया जो मुंबई अहमदाबाद जयपुर दिल्ली मार्ग पर और दूसरी इंडियन नेशनल एयरवेज कंपनी दिल्ली जोधपुर कराची मार्ग पर अपनी सेवाएं क्रमशः जयपुर और जोधपुर को प्रदान कर रही थी.



1 अगस्त 1953 में वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया अब राज्य में जयपुर उदयपुर कोटा और जोधपुर दिल्ली अहमदाबाद और मुंबई हवाई सेवाओं से जुड़े हुए हैं यह सब स्थान इंडियन एयरलाइंस कारपोरेशन से संबंधित है इसके अंदर वायु सेवा उपलब्ध कराने वाली दूसरी कंपनी वायु दूत की नियमित सेवाओं के अंतर्गत अब जोधपुर जैसलमेर व बीकानेर भी देश के अन्य मार्गों से जुड़ गए हैं उदयपुर अहमदाबाद के बीच इंडियन एयरलाइंस में 1 अप्रैल 1993 से और जयपुर दिल्ली के बीच सिटी लिंक एयरवेज ने 18 अक्टूबर 1992 से अपनी-अपनी विमान सेवाएं प्रारंभ कर दी है इस प्रकार राज्य देश की वायु सेवा में उचित स्थान पा गया है अजमेर को भी शीघ्र ही वायु सेवाओं मानचित्र मैं उचित स्थान पा गया है अजमेर को भी शीघ्र ही वायु सेवाओं से जोड़ने का प्रावधान है

नागरिक उड्डयन गतिविधियों के संचालन हेतु राज्य में नागरिक उड्डयन विभाग के नियंत्रणाधीन निदेशालय नागरिक विमान स्थापित है जिसका गठन 1 अप्रैल 2012 को किया गया था इससे पहले राजस्थान में 20 दिसंबर 2006 को नागर विमानन निगम लिमिटेड की स्थापना की गई थी इसका उद्देश्य राजस्थान सरकार के पास उपलब्ध हेलीकॉप्टर और वायुयान का वाणिज्यिक उपयोग करने के लिए प्रस्ताव तैयार करना है राजस्थान में वर्तमान में कुल 18 एयरपोर्ट हवाई पट्टियां हैं वर्तमान में राजस्थान में 8 हवाई अड्डे हैं जिनमें से तीन हवाई अड्डे भारतीय विमान पतन प्राधिकरण के अधीन एयरपोर्ट सांगानेर (जयपुर) डबोक (उदयपुर)कोटा है पांच हवाई अड्डे भारतीय वायुसेना के अधीन है बीकानेर जैसलमेर सूरतगढ़ बाड़मेर रातानाडा फलोदी हैं राजस्थान में उपस्थित एयरपोर्ट पट्टियों में से काकरोली राजसमंद पट्टी जे के ग्रुप के अधीन है पिलानी झुंझुनू हवाई पट्टी बिरला ग्रुप के अधीन है राज्य सरकार के अधीन 16 हवाई पट्टियां है

जैसलमेर में राज्य का पांचवा सिविल एयरपोर्ट बनाया जा रहा है बाड़मेर में उत्तरलाई वायुसेना हवाई अड्डा और बीकानेर में नाल हवाई अड्डा है जो भूमिगत सैनिक हवाई अड्डा है किशनगढ़ में भी हवाई अड्डे का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है

जोधपुर और बीकानेर के हवाई अड्डे सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बीकानेर और सूरतगढ़ की हवाई अड्डे भूमिगत हैं बीकानेर भारत के सर्वश्रेष्ठ सैनिक हवाई अड्डों में से एक है जोधपुर अंतरराष्ट्रीय महत्व का वायुसेना का हवाई अड्डा है जहां प्रशिक्षण सुविधा भी उपलब्ध है इंडियन एयरलाइंस और वायु दूत की हवाई सेवाओं के कारण राज्य में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के की संख्या में काफी वृद्धि हो रही है



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