अहमदाबाद मिल स्ट्राइक १९१८ इन हिंदी

Ahmedabad Mil Strike 1918 In Hindi

Gk Exams at  2018-03-25


Go To Quiz

GkExams on 29-11-2018

1918 का अहमदाबाद आन्दोलन एक महत्त्वपूर्ण आन्दोलन हैं , जिसमें गाँधी जी ने मिल मालिकों के विरूद्ध मजदूरों के हितो के रक्षार्थ आन्दोलन किया |







अहमदाबाद आन्दोलन का मुख्य कारण मिल – मालिकों द्वारा मजदूरों को दिए जाने प्लेग बोनस को समाप्त करना था |



मिल – मजदूर इस बोनस को बरकरार रखना चाहते थे क्योकि उनके अनुसार प्रथम विश्व युद्ध के कारण मंहगाई काफी बढ़ गयी थी | और बोनस की जो रकम मिल रही थी , वो बढ़ी हुई मंहगाई से काफी कम थी |



ब्रिटिश कलेक्टर ने इस मामले को सुलझाने के लिए गाँधी जी मिल – मालिकों पर दबाव बनाने के लिए भेजा |



गाँधी जी ने दोनों पक्षों से वार्ता करके दोनों पक्षों की सहमति पर इस मामले को ट्रिब्यूनल को सौपने का निर्णय किया , परन्तु बाद में हड़ताल का बहाना बनाकर मिल – मालिक ट्रिब्यूनल से अलग हो गए और 20% बोनस की घोषणा की तथा यह धमकी दी कि जो मजदूर इसे स्वीकार नहीं करेगा , उसे नौकरी से निकाल दिया जाएगा |



इस घोषणा से गाँधी जी निराश हुए और मजदूरों को हड़ताल पर जाने की सलाह दी |



हड़ताल के दौरान प्रतिदिन साबरमती के तट पर मजदूरों की सभा लगती एवं गाँधी जी उसे संबोधित करते | मजदूरों को हिंसा न करने की सलाह दी गयी | एक दैनिक बुलेटिन का भी प्रकाशन किया गया |



इसी दौरान गाँधी जी उत्पादन लागत , मुनाफा और मजदूरों के जीवन – निर्वाह खर्च का अध्धयन किया एवं 35% बोनस की माँग की |



हड़ताल में मजदूरों का उत्साह बढाने के लिए गाँधी जी ने खुद अनशन पर बैठने का निर्णय लिया और यह वचन दिया कि यदि हड़ताल के कारण मजदूर भुखमरी के कगार पर पहुचते हैं ,तो वह स्वयं भूखे रहेंगे |



मिल – मालिकों पर इसका गहरा असर पड़ा एवं उन्होंने मामले को ट्रिब्यूनल को सौपने का फैसला किया |



अहमदाबाद आन्दोलन में मिल – मालिकों में से एक अंबालाल साराभाई की बहन अनुसूइया बेन गाँधी जी के साथ थी |



मिल – मजदूरों एवं मिल – मालिकों के बीच के मामले को ट्रिब्यूनल को सौपने के साथ ही अहमदाबाद आन्दोलन समाप्त हो गया |



बाद में ट्रिब्यूनल ने मिल – मजदूरों को 35% बोनस देने का निर्णय दिया | इस प्रकार गाँधी जी प्रयासों की जीत हुई |



अहमदाबाद आन्दोलन के द्वारा मजदूरों की मजदूरी में 27.5% तक की वृद्धि हुई , जिसकी गिनती अब तक के सर्वाधिक वृद्धियों में की जाती हैं |



अहमदाबाद आन्दोलन के दौरान ही गाँधी जी ने ‘ट्रस्टीशिप का सिद्धान्त’ दिया , जिसके अनुसार ‘पूंजीपति मजदूरों के हित की रक्षा करने वाला ट्रस्टी होता हैं |’



1918 में ही गाँधी जी ने ‘अहमदाबाद टेक्सटाइल लेबर एसोसिएशन’ की स्थापना की , जो समय की सबसे बड़ी ट्रेड यूनियन थी |



Comments

आप यहाँ पर अहमदाबाद gk, स्ट्राइक question answers, १९१८ general knowledge, अहमदाबाद सामान्य ज्ञान, स्ट्राइक questions in hindi, १९१८ notes in hindi, pdf in hindi आदि विषय पर अपने जवाब दे सकते हैं।

Total views 165
Labels: , ,
अपना सवाल पूछेंं या जवाब दें।

Comment As:

अपना जवाब या सवाल नीचे दिये गए बॉक्स में लिखें।

Register to Comment