भारत के प्रमुख चित्रकार

Bharat Ke Pramukh Chitrakar

Gk Exams at  2018-03-25


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GkExams on 23-12-2018

राजा रवि वर्मा

राजा रवि वर्मा भारत में आधुनिक चित्रकला के जनक कहे जाते हैं. जानकार कहते हैं कि राजा रवि ने बचपन में ही घर की दीवारों पर चित्रकारी शुरू कर दी थी. उनके इस हुनर को उनके चाचा ने पहचाना और इस क्षेत्र में बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया. चाचा से प्रेरित होकर रवि राजा ने खुद को चित्रकारी के लिए सौंप दिया. उनकी मेहनत का ही नतीजा था कि जल्द ही वह अपनी चित्रकारी के लिए प्रसिद्ध हो गए.

आयल पेंटिंग में तो उनका गजब का हाथ था. जिसके लिए वह भारत के बाहर भी पहचाने गए. लेकिन कहते हैै ना कि जहां शोहरत होती है वहां विवाद जन्म ले ही लेते हैं. रवि राजा भी खुद विवादों से नही बचा पाए!

उन्होंने ज्यादा बोल्डनेस दिखाते हुए उर्वशी, रंभा जैसी अप्सराओं की न्यूड पेंटिंग्स बना डाली और विवाद को जन्म दे दिया. उनकी इस चित्रकारी का खूब विरोध हुआ. उन पर लोगों की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा. इस विवाद ने इतना जोर पकड़ा कि उस समय के कुछ प्रसिद्ध चित्रकारों ने उन्हें स्वीकार करने से मना कर दिया था.

Top 10 Artist in India, Raja Ravi Verma (Pic: engrave.in)

मकबूल फ़िदा हुसैन

मकबूल फ़िदा हुसैन एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार थे, जिनका पूरा जीवन चित्रकला को समर्पित था. युवा चित्रकार के रूप में मकबूल फ़िदा हुसैन बंगाल स्कूल की राष्ट्रवादी परंपरा को तोड़कर कुछ अलग करना चाहते थे, जिसमें वह काफी हद तक कामयाब भी हुए. बीसवीं शताब्दी में दुनिया में पिकासो के बाद सबसे चर्चित कलाकार बनकर वह उभरे और इसमें कोई अतिश्योक्ति भी नहीं है, लेकिन शोहरत के मद मेंं उन्होंने हमेशा कोई न कोई विवाद खड़ा किया.

साल 2006 में ही एक प्रसिद्ध मैगज़ीन के कवर पर भारत माता की एक नग्न तस्वीर के कारण वह गंभीर विवाद में आ गए. उनके इस कारनामे की भारत भर में कड़ी आलोचना हुई. हुसैन पर मां दुर्गा, लक्ष्मी सरस्वती के अश्लील चित्रों को बनाने का आरोप भी लगा.

इनके खिलाफ अश्लील पेंटिंग बनाने के लिए समूचे देश में कई आपराधिक मामले दर्ज हुए. हैरान करने वाली बात तो यह थी कि इसके पहले भी ऐसा एक मामला सामने आया था, जब उनकी बनाई एक पेंटिंग को एक मैगज़ीन ने 1996 में छापा था और इसका शीर्षक दिया था मकबूल फ़िदा हुसैन पेंटर या कसाई? जिसका इतना विरोध हुआ कि हुसैन को भारत छोड़ कर लंदन भागना पड़ा.

Top 10 Artist in India, MF Husain (Pic: intoday.in)

अमृता शेरगिल

अमृता शेरगिल दुनिया के खूबसूरत चित्रकारी करने वाली चित्रकारों में से एक थीं. जिनके बचपन का एक किस्सा बहुत चर्चित है. हुआ यूं था कि उन्होंने एक महिला का नग्न चित्र बाना डाला था. जिसके कारण उन्हें स्कूल से बाहर का रास्ता देखने पड़ा था. इसके बावजूद उन्होंने चित्रकला की दिशा से खुद को भ्रमित नहीं किया. वह एक ऐसी चित्रकार थीं, जिन्होंने हमेशा ग्रामीण भारतीय महिलाओं और भारतीय नारी की वास्तविक चित्र को दर्शाने का प्रयास किया. उनका रुझान हमेशा भारत की वास्तविक आधुनिकता की ओर था. इस प्रसिद्ध महिला चित्रकार का जीवन बहुत कम समय का रहा. महज़ 28 साल की अल्पायु में एक रहस्यपूर्ण रोग के कारण वो दुनिया को अलविदा कह गईं.

Top 10 Artist in India, Amrita Shergil’s Painting (Pic: wikiwand.com)

अवनींद्रनाथ टैगोर

अवनींद्रनाथ टैगोर इंडियन सोसाइटी ऑफ़ ओरिएण्टल आर्ट’ के मुख्य चित्रकार और संस्थापक कहे जाते हैं. बंगाल स्कूल ऑफ़ आर्ट की स्थापना में उनकी अहम् भूमिका थी. इस कारण भारत में आधुनिक चित्रकला का विकास हुआ. ब्रिटिश शासन के दौरान आर्ट स्कूल में पढाये जाने वाले पश्चिमी चित्रकला के विपरीत उन्होंने भारतीय शैली की पेंटिंग में आधुनिकता लाने का काफी प्रयास किया, जिससे भारतीय शैली की नयी कला का जन्म हुआ. इसे ही आज बंगाल स्कूल ऑफ़ आर्ट के नाम से जाना जाता है. अवनींद्रनाथ टैगोर के बारे में एक दिलचस्प बात कम लोगों को ही मालूम होगी कि रविंद्रनाथ टैगोर को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति मिलने ने से भी पहले अवनिन्द्र का नाम यूरोप में एक प्रतिष्ठित चित्रकार के तौर पर स्थापित हो चुका था.

Top 10 Artist in India, Avnindra Nath Tagore’s painting (Pic: totallyhistory.com)

गगनेन्द्रनाथ टैगोर

गगनेन्द्रनाथ टैगोर का नाम भारत के प्रसिद्ध व्यंग्य चित्रकारों में गिना जाता है. वे अवनीन्द्रनाथ टैगोर के बड़े भाई और रविन्द्रनाथ टैगोर के भतीजे थे. गगनेन्द्रनाथ टैगोर को भारतीय कार्टून जगत का अग्रदूत भी कहा जाता है. टैगोर ने भारतीय चित्रकला को एक नया आयाम दिया. उनके जीवन की खास बात थी कि वह एक सफल चित्रकार होने के साथ साथ वह सफल कार्टूनिस्ट भी थे. उन्होंने अपने कार्टूनों को पूरी दुनिया से परिचित कराया. उनके बारे में कहा जाता है कि 1940 के दशक से पहले वे अकेले ऐसे चित्रकार थे, जिन्होंने आर्ट की भाषा का इस्तेमाल बड़े ही रोचक ढंग किया हैं. चित्रकला के इस महान कलाकार के चित्र आज भी लोगों को उनकी याद दिलाता है.

Top 10 Artist in India, Ravindra Nath Tagore (Pic: hindumythology.org)

जामिनी रॉय की ‘कालीघाट की पेंटिंग’

जामिनी रॉय को कला परम्‍पराओं से अलग एक नई शैली स्‍थापित करने के लिए जाना जाता है. कालीघाट की पेंटिंग ने उन्हें चर्चा में लाकर खड़ा किया. जिसकी चारों तरफ खूब तारीफ़ हुई. इसके बाद राय 1920 के आसपास सुर्खियां बनीं, जब उन्होंने ऐसे चित्र बनाये जो खुशनुमा ग्रामीण माहौल को प्रकट करते थे. उन्होंने कुछ ऐसे नमूने भी पेश किए, जिनमें ग्रामीण वातावरण के भोले और स्‍वच्‍छंद जीवन की झलक देखने को मिलती थी. सन 1955 में उन्हें ‘ललित कला अकादमी’ का पहला फेलो बनाया गया था. भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण’ से सम्मानित किया. आज उनकी कई कृतियां विश्व के अनेक आर्ट गैलरियों में मौजूद हैं.

Top 10 Artist in India, Jemini Ray panting (Pic: junglekey.in)

नन्द लाल बोस

नन्दलाल बोस की गणना भारत के प्रसिद्ध चित्रकार में होती हैं. इनकी शुरू से ही चित्रकला में गहरी रूचि थी. माँ को मिट्टी के खिलौने बनाते देख कर इनके अंदर चित्रकारी करने की लालसा जागी. भारत की संविधान की मूल प्रति की डिजाइन भी इनके द्वारा की गई थी. इनके प्रसिद्ध चित्र डांडी मार्च’, ‘संथाली कन्या’, ‘सती का देह त्याग आदि हैं. इन्होंने अपनी चित्रकारी के माध्यम से आधुनिक आंदोलनों के विभिन्न स्वरूपों, सीमाओं और शैलियों को दर्शाया हैं. इनकी चित्रकारी में एक अजीब सा जादू था जो किसी को भी बरबस अपनी ओर आकर्षित कर लेता था. नन्द लाल बोस की पेंटिंग तकनीक भी बड़े कमाल की थी, जिसका कोई जवाब नहीं है.

Top 10 Artist in India, Nandlal Bose painting (Pic: artinasia.com)

मंजीत बावा

प्रसिद्ध चित्रकार मंजीत बावा का जन्म पंजाब में हुआ था, कहा जाता है कि मंजीत बावा को सूफी दर्शन और गायन में विशेष रुचि थी. वे पहले ऐसे चित्रकार थे, जिन्होंने पश्चिमी कला में प्रभावी ग्रे और ब्राउन से हटकर लाल और बैंगनी जैसे रंगों को चुना था. उनके चित्रो में प्रकृति सूफी और भारतीय धर्म की झलक मिलती थी. वे काली और शिव को देश का आइकॉन मानते थे, इसलिए उनके चित्रों में काली और शिव की मौजूदगी प्रमुखता से दिखई देती हैं. रंगों की अद्भुत समझ रखने वाले मंजीत बावा, कला में नव आंदोलन का हिस्सा थे.वह साहसिक चित्रकार थे. उनका भारतीय चित्रकला में बड़ा योगदान यह है कि उन्होंने अपने फॉर्म का ज्यादा कल्पनाशील ढंग से प्रस्तुत किया हैं. 1980 में ललित कला अकादमी ने उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा था.

Top 10 Artist in India, Manjit Bava painting (Pic: friendsofindiaclub.com)

तैयब मेहता

तैयब मेहता देश की आजादी के बाद उन चित्रकारों में से एक थे जो राष्ट्रवादी बंगाल स्कूल ऑफ़ आर्ट के परंपरा से हटकर कुछ अलग काम करना चाहते थे. उनके जीवन के अंतिम साल में बनायी हुई पेंटिंग्स रिकॉर्ड कीमतों पर बिकीं, जिसमें एक पेंटिंग उनके मृत्यु के बाद बिकी है जो दिसम्बर 2014 में 17 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत पर बेची गयी. सन 2002 में उनकी एक पेंटिंग ‘सेलिब्रेशन’ लगभग 1.5 करोड़ रुपये में बिकी थी, जो अन्तराष्ट्रीय स्तर पर उस समय तक की सबसे महंगी भारतीय पेंटिंग थी. आज देखा जाये तो भारतीय कला ने समूचे विश्व पर अपनी छाप छोड़ी है. आज भारतीय कला की पूरी दुनिया दीवानी है, तो इसका सबसे बड़ा श्रेय तैयब मेहता को भी जाता है. देखा जाये तो समकालीन भारतीय कला इतिहास में तैयब मेहता ही ऐसे अकेले चित्रकार थे जिनकी पेंटिग इतनी महंगी बिकी.

हमारे देश में एक से बढ़कर एक कलाकार पैदा हुए, जिनका लोहा समूची दुनिया ने माना. आज भारत की कला की पूरे विश्व में एक अलग पहचान है, जिनका श्रेय हमारे देश के उन चित्रकारों को जाता है. लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि इनमेंं से कई चित्रकार समय-समय पर विवादों से भी घिरते रहे. हालाँकि, कला अभिव्यक्ति का ही नमूना है और अभिव्यक्ति को दायरे में तो बांधा नहीं जा सकता, किन्तु जान बूझकर विवादों में पड़ने की कोशिश को क्या कहा जाए, यह चित्रकार बखूबी समझते हैं और इसलिए इसके साथ आँख-मिचौली का उनका खेल जारी ही रहता है.




Comments Veer Singh on 18-12-2018

अकबर ने कोन सा चित्र बनाया था



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