जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया

Jal Sudhhikaran Ki Prakriya

GkExams on 12-05-2019

फिल्ट्रेशन

फिल्ट्रेशन जल शुद्धिकरण में सबसे सामान्य प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में निलम्बित ठोस बड़े माइक्रोऑर्गेनिज्म पेपर तथा कपड़े के बारीक-बारीक टुकड़े धूल के कण इत्यादि को जल से अलग किया जाता है। घरेलू स्तर पर इन फिल्टरों में विशेष पदार्थ की झिल्ली या कार्टरिज का प्रयोग किया जाता है। तथा इसे बंद तंत्र में स्थापित किया जाता है। बाजार में विभिन्न साइजों के फिल्टर उपलब्ध हैं, ये हैं : माइक्रोफिल्टर तथा अल्ट्राफिल्टर (मेम्ब्रेन)। माइक्रोफिल्टर 0.04 से 1.0 माइक्रोमीटर साइज के कणों तथा माइक्रोब्स को जल से अलग करता है तथा कार्टरिज के रूप में उपलब्ध है। इन कार्टरिज की आकृति ट्यूबलर, डिस्क प्लेट, स्पाइरल तथा खोखले फाइबर के रूप में होती है। अल्ट्रा फिल्ट्रेशन में 0.005 से 0.10 माइक्रोऑर्गेनिज्म तथा निलम्बित ठोस को दूर किया जाता है। अल्ट्राफिल्टर मेम्ब्रेन के रूप में होते हैं। इन फिल्टरों को भी ट्यूबलर डिस्क प्लेट स्पाइरल तथा खोखले फाइबर के रूप में स्थापित किया जाता है। किसी भी फिल्टर से फास्फोरस, नाइट्रेट तथा भारी धातुओं के आयनों को जल से अलग नहीं किया जा सकता है। फिल्टर का प्रयोग नगर पालिका/नगर निगम स्तर पर किया जाता है।



Comments

आप यहाँ पर शुद्धिकरण gk, question answers, general knowledge, शुद्धिकरण सामान्य ज्ञान, questions in hindi, notes in hindi, pdf in hindi आदि विषय पर अपने जवाब दे सकते हैं।

Labels: , , , , ,
अपना सवाल पूछेंं या जवाब दें।




Register to Comment