प्राचीन भारत में धर्म की शुरुआत किस शासक ने की

Pracheen Bharat Me Dharm Ki Shuruat Kis Shashak ne Ki

Pradeep Chawla on 21-09-2018

भारत में आर्यों का आगमन हुआ, वे युरोपीय थे। ऐसा कुछ पश्चिमी विद्वानों का मत है तथा पश्चिम में यह सिद्धांत अब भी प्रचलित है। बाद में मुइर जैसे विद्वानों ने यह मान लिया कि यह अप्रमाणिक है क्योंकि इसके प्रमाण नहीं मिले। अतः वेदों का लेखनकाल 5000 वर्ष पूर्व के आसपास का माना जाने लगा जो हिन्दू तर्कसंगत भी है।ऋग्वैदिक काल के बाद भारत में धीरे धीरे सभ्यता का स्वरूप बदलता गया। परवर्ती सभ्यता को उत्तरवैदिक सभ्यता कहा जाता है। उत्तर वैदिक काल में वर्ण व्यवस्था और कठोर रूप से पारिभाषित तथा व्यावहारिक हो गई। ईसी पूर्व छठी सदी में, इस कारण, बौद्ध और जैन धर्मों का उदय हुआ। अशोक जैसे सम्राट ने बौद्ध धर्म के प्रचार में बहुत योगदान दिया। इसके कारण बौद्ध धर्म भारत से बाहर अफ़ग़ानिस्तान तथा बाद में भारत (उस समय फ़ारसी शासकों के अधीन), चीन, जापान तथा श्रीलंका के अतिरिक्त इसने दक्षिण पूर्व एशिया में भी अपनी पहचान बनाई।





Comments Ashok ke shasan kal mein hui thi on 16-12-2019

Sthapatya kala ka sabse adhik vikas kiske samay mein hua tha

Vishal Singh Rajpoot on 12-11-2019

Ashok ke kaal me

कृष्ण चन्द्र प्रभु वृन्दावन मथुरा यूपी भारत on 12-05-2019

भारत मे कौन लोग राजनीति नही करते है धर्म के लिए जीवित है

पुष्प kumari on 12-05-2019

अशोक के शासन काल में

गुड्डू कुमार on 12-05-2019

प्राचीन भारत में धर्म की शुरुआत किस शासक ने की

Shivnath kumar on 12-05-2019

Prachin bharat me dhamm ki shuruaat kis sasak ne ki


Dhananjay on 20-01-2019

Prachin Bharat me dham ki Suruat kis shasak be ki

Abhimanyu Kumar on 10-12-2018

Abhimanyu Kumar

sanjeet kumar on 08-12-2018

Pracheen bharat me dam ki staart kis shhsak ne kj

Anuradha Bharti on 15-09-2018

Kanishak



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