प्रशिक्षण की परिभाषा

Prashikshan Ki Paribhasha

Gk Exams at  2018-03-25


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Pradeep Chawla on 30-10-2018


साधारण शब्दों में, प्रशिक्षण किसी कार्य विशेष को सम्पन्न करने के लिए एक कर्मचारी के ज्ञान एवं निपुणताओं में वृद्धि करने का कार्य है। प्रशिक्षण एक अल्पकालीन शैक्षणिक प्रक्रिया है तथा जिसमें एक व्यवस्थित एवं संगठित कार्य-प्रणाली उपयोग में लायी जाती हैं, जिसके द्वारा एक कर्मचारी किसी निश्चित उद्देश्य के लिए तकनीकी ज्ञान एवं निपुणताओं को सीखता है। दूसरे शब्दों में प्रशिक्षण कार्य एवं संगठन की आवश्यकताओं के लिए एक कर्मचारी के ज्ञान निपुणताओं, व्यवहार, अभिरूचियों तथा मनोवृत्तियों में सुधार करता है, परिर्वतन उत्पन्न करता है तथा ढालता है। इस प्रकार प्रशिक्षण एक सीखने का अनुभव है। जिसके अन्तर्गत यह एक कर्मचारी में तुलनात्मक रूप से स्थायी परिवर्तन लाने का प्रयास करता है, जो कि उसके कार्य का निष्पादन क्षमता में सुधार लाता है। प्रशिक्षण की कुछ प्रमुख परिभाषायें निम्नलिखित प्रकार से है:

  1. एडविन बी. फिलिप्पा के अनुसार ‘‘प्रशिक्षण किसी कार्य विशेष को करने के लिए एक कर्मचारी के ज्ञान एवं निपुणताओं में वृद्धि करने का कार्य है’’
  2. डेल एस. बीच के अनुसार’’ प्रशिक्षण एक संगठित प्रक्रिया है, जिसके द्वारा लोग किसी निश्चित उद्देश्य के लिए ज्ञान तथा/अथवा निपुणताओं को सीखने है।’’
  3. अरून मोनप्पा एवं मिर्जा एस. सैय्यदैन के अनुसार, ‘‘प्रशिक्षण सिखाने/सीखने के क्रियाकलापों से सम्बन्धित होता है, जो कि एक संगठन के सदस्यों को उस संगठन द्वारा अपेक्षित ज्ञान निपुणताओं, योग्यताओं तथा मनोवृत्तियों को अर्जित करने एवं प्रयोग करने के लिए सहायता करने में प्राथमिक उद्देश्य हेतु जारी रखी जाती है।’’

प्रशिक्षण के विशेषतायें

  1. प्रशिक्षण, मानव संसाधन विकास की एक महत्वपूर्ण उप-प्रणाली तथा मानव संसाधन प्रबन्धन के लिए आधारभूत संचालनात्मक कार्यों में से एक है
  2. प्रशिक्षण कर्मचारियो के विकास की एक व्यवस्थित एवं पूर्व नियोजित प्रक्रिया होती है।
  3. प्रशिक्षण एक सतत् जारी रहने वाली प्रक्रिया है।
  4. प्रशिक्षण सीखने का अनुभव प्राप्त करने की प्रक्रिया है।
  5. प्रशिक्षण किसी कार्य की व्यावहारिक शिक्षा का स्वरूप होता है।
  6. प्रशिक्षण के द्वारा कर्मचारियों के ज्ञान एवं निपुणताओं में वृद्धि की जाती हैं। तथा उनके विचारों, अभिरूचियो एवं व्यवहारों में परिर्वतन लाया जाता है।
  7. प्रशिक्षण से कर्मचारियो की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।
  8. प्रशिक्षण मानवीय संसाधनों में उद्देश्यपूर्ण विनियोग है, क्योंकि यह संगठनात्मक लक्ष्यों की पूर्ति में सहायक होता है।
  9. प्रशिक्षण प्रबन्धतन्त्र का महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व होता है।
अत: निष्कर्ष के रूप में यह कहा जा सकता है कि प्रशिक्षण, कार्यों को सही एवं प्रभावपूर्ण ढंग से सम्पन्न करने के लिए कर्मचारियों को जानकारी प्रदान करने की प्रक्रिया है, जिससे कि उनकी कार्य के प्रति समझ, कार्यक्षमता तथा उत्पादकता में वृद्धि हो सके।



Comments deepika on 12-05-2019

Prashikchhan me aane wali samsyaye kon kon si h



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