केन्द्रक के भाग

Kendrak Ke Bhag

GkExams on 22-12-2018

केन्द्रक और केन्द्रिका


यह दोहरी झिल्ली से ढका हुआ कोशिकांग है। (क्या आप दोहरी झिल्ली से ढका हुआ कोशिकांगो का नाम बता सकते है? नीचे कमेंट में उतर दे)


इसमें कोशिका की अनुवांशिक सूचनाएं डीएनए के रूप में आई जाती है इसे कोशिका का निदेशक (Director of cell) भी कहते है।


केन्द्रक को रॉबर्ट ब्राउन ने आर्किड के जड़ो की कोशिकाओं में देखा और उनको Nucleus (न्यूक्लियस) नाम दिया। केन्द्रक के अध्ययन को Karyology कहा जाता है। फ्लेमिंग ने क्रोमैटिन नाम दिया।

न्यूक्लियोप्लाज्मिक इंडेक्स (Nucleoplasmic Index): –

केन्द्रक और कोशिका द्रव्य की मात्रा के बीच एक विशिष्ट अनुपात होता है जिसे न्यूक्लियोप्लाज्मिक इंडेक्स (NP) या केरियोप्लाज्मिक इंडेक्स (karyoplasmic index) कहा जाता है जिसे हर्टविग समीकरण के रूप में निम्न प्रकार व्यक्त किया जा सकता है –


NP = Vn/ Vc– Vn


जहां


NP = न्यूक्लियोप्लाज्मिक इंडेक्स


Vn = केन्द्रक का आयतन


Vc = कोशिक द्रव्य का आयतन


संख्या (Numbers of Nucleus in Cell): –

आमतौर पर कोशिकाओं में एक केन्द्रक होता है जिसे एककेन्द्रकी कोशिकाओं कहा जाता है। लेकिन पैरामीसियम कोडेटम द्विकेन्द्रकी होता है जबकि पैरामीसियम ऑरिलिया तीन केन्द्रक होते है कई केन्द्रक वाली कोशिकाओं को बहुकेन्द्रकी कोशिका कहते है


उदाहरण म्यूकोर, Rancheria (शैवाल) तथा पशु और मानव की रेखित पेशी कोशिकाओं में जिसे सिंकटीयियम (Syncytium) कहते हैं। केन्द्रक RBC, एंजियोस्पर्म की चालनी नलिका (सिव ट्यूब) में अनुपस्थित होता है।

केन्द्रक का आकार (Shape of Nucleus): –

यह आमतौर पर गोल होता है लेकिन यह इओसीनोफिल (Eosinophil) में द्विपालित (Bilobed) होता है, बेसोफिल में तीन पालियो (Trilobed) होता है और न्युट्रोफिल (Neutrophil) में बहुपालित (Multilobed) होता है यह मैक्रोफेज कोशिका (Macrophaze) में गुर्दा के आकार का होता है, verticella में यह घोड़े की नाल के रूप का होता है।


न्यूक्लियोप्लाज्म (Nucleoplasm): –

इसे केन्द्रक सीप या कैरोलिम्फ या कार्योप्लाज्म के रूप में भी जाना जाता है। यह समरूप, अर्ध-तरल, कणिकीय कोलाइडी और स्पष्ट जेली- सद्रश्य होती है।


यह प्रकृति में acidophilic होती है। इसमें Nucleoplasm, डीएनए पोलीमरेज़, आरएनए पोलीमरेज़, inducer, आरएनए आदि पाये जाते हैं।

क्रोमेटिन (Chromatin): –

यह केन्द्रक में पाया जाता है जो एक तंतुमय जटिल संरचना है।


इसका नाम क्रोमेटिन रखा गया है क्योंकि एसिटोकरमिन, हेमेटॉजायलिन जैसे कुछ अभिरंजको द्वारा अभिरंजित होने की उसकी क्षमता के कारण इसको क्रोमेटिन नाम दिया गया है।


ये दो प्रकार के होते हैं –

  1. युक्रोमेटिन (Euchromatin)
  2. हेटोरोक्रोमेटिन (Heteochromatin)

युक्रोमेटिन (Euchromatin)

यह आनुवंशिक रूप से सक्रिय होता है यह अभिरंजित करने पर हल्का अभिरंजित होता है इसमें हिस्टोन (Histon) प्रोटीन कम मात्रा में होता है,जिससे ये कम संघनित होता है। यह डीएनए से बना है। केन्द्रिका में, दो प्रकार के क्रोमैटिन होते हैं जो इंट्रान्यूक्लियोलर क्रोमेटिन (Intranuclear) और पेरिन्यूक्लियोलर क्रोमेटिन (Perinuclear) होते हैं।


केन्द्रिका का कार्य(Function of Nucleolus): –

तीन प्रकार के कार्यों को केन्द्रिका द्वारा किया जाता है-

  1. प्रोटीन का संश्लेषण,
  2. राइबोसोमल आरएनए का संश्लेषण,
  3. केन्द्रक से कोशिका द्रव्य में आनुवांशिक सूचनाओं (Genetic Information) का स्थानांतरण है

केन्द्रिका को राइबोसोम का कारखाना (राइबोसोमल फैक्टरी) के रूप में जाना जाता है।

केन्द्रिका का रासायनिक संघटन (Chemical Composition of Nucleolus): –

इस में 85% प्रोटीन, 10% आर-आरएनए, और डीएनए का 5% होता है।





Comments Yadav on 21-07-2021

Kandrak dravy

Barkhu rajbhar on 14-02-2020

Rajat ka thaka jamane mei kaun khanij bhag leta hai ya utprerak karya

ऋषभ कोरी on 12-05-2019

केन्द्रक के कार्य बताइये

नाजरीन on 02-12-2018

ऐसा कौन सा आर एन ए है जो केन्द्रक में बनता है



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