ग्रामीण विकास का महत्व

Gramin Vikash Ka Mahatva

Gk Exams at  2018-03-25


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GkExams on 12-05-2019

ग्रामीण विकास

Rural Development

ग्रामीण विकास का अर्थ लोगों का आर्थिक सुधार और बड़ा समाजिक बदलाव दोनों ही है। ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में लोगों का बढ़ी हुई भागीदारी, योजनाओं का विकेन्द्रीकरण, भूमि सुधारों को बेहतर तरीके से लागू करना और ऋण की आसान उपलब्धि करवाकर लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का लक्ष्य होता है।


प्रारंभ में, विकास के लिए मुख्य जोर कृषि, उद्योग, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और संबंधित क्षेत्रों पर दिया गया था। बाद में यह समझने पर कि त्वरित विकास केवल तभी संभव है जब सरकारी प्रयासों के साथ साथ पर्याप्त रूप से जमीनी स्तर पर लोगों की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष भागीदारी हो, सोच बदल गई।


ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में निम्नलिखित बड़े कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं:


(i) रोज़गार देने के लिए महात्मा गाँधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (मनरेगा)


(ii) स्व रोज़गार और कौशल विकास के लिए नेशनल रूरल लाइवलीहूडस मिशन (एनआरएलएम)


(iii) गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों को आवास देने के लिए इंदिरा आवास योजना (आईएवाई)


(iv) अच्छी सड़कें बनाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)


(v) सामाजिक पेंशन के लिए नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम (एनएसएपी)


(vi) आदर्श ग्रामों के लिए सांसद आदर्श ग्राम योजना (एसएजीवाई)


(vii) गामीण विकास केंद्रों के लिए श्यामा प्रसाद मुख़र्जी रूर्बन मिशन


इसके आलावा मंत्रालय के पास ग्रामीण पदाधिकारियों की क्षमता के विकास; सूचना, शिक्षा और संचार; और निगरानी व मूल्यांकन के लिए भी योजनायें हैं।



समग्र/एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम संकल्पना (१९८०)

ग्रामीण विकास को अब राष्टीय उन्नति और सामाजिक कल्याण के लिए एक “अनिवार्य शर्त” अनुभव किया जाने लगा है| समस्या केवल ग्रामीण क्षेत्र के विकास की ही नहीं, बल्कि ग्रामीण समुदायों, जिनमें हमारा राष्ट्र समाविष्ट है, के विकास की है| प्रत्येक ग्रामीण परिवार को समग्र राष्ट्रीय उत्पादन एवं वर्तमान प्रति व्यक्ति आय में न्यायपूर्ण अंश प्राप्त होना चाहिए| इस प्रकार समग्र विकास कार्यक्रम का प्रयोग इन कार्यों से जुड़ा है :-


(क) आय, रोजगार और उत्पादन की वृद्धि एवं अधिकतम उपयोग जिससे लोगो को गरीबी की रेखा से ऊपर उठाया जा सके|


(ख) जनसंख्या के कमजोर वर्गों के प्रति विकास के आनुपातिक लाभ की अपेक्षा अधिक लाभ सुनिश्चित करना|


(ग) न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रमों, रोजगार, शिक्षा, जीवनस्तर, स्वास्थ्य, पेयजल, परिवहन, बिजली आदि को पूर्ण करना|


(घ) काम के लिए अनाज कार्यक्रम से बेकारी दूर करना तथा उद्दोगों की स्थापना करना


(ङ) सामाजिक एवं आर्थिक अवस्थापना का निर्माण|


(च) गरीबों की भलाई के लिए विद्यमान संस्थाओं एवं संगठनों को नया मोड़ देना|


(छ) विशेषकर ग्रामीण गरीबों को बचाने के लिए उपयुक्त संगठन की स्थापना|


(ज) ग्रामीण विकास केन्द्रों को विपणन केन्द्र के रूप में मान्यता देना तथा इस प्रकार उनमें सभी तकनीकी, विकास रोजगार सम्बन्धी सुविधाओं का उपलब्ध कराना|


समग्र ग्रामीण विकास कार्य को सही दिशा में करने के लिए “खण्ड स्तरीय विकास कार्यक्रम “ के अतिरिक्त कोई अन्य प्रथा उपयुक्त न होगी, ऐसा विशेषज्ञों का मत रहा है| विकास खंड ही विकास का आधार माना गया है जो राष्ट्रीय विकास योजना निर्माण में विशेष योगदान देता है|



Comments Pooja on 28-12-2019

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Payal Payal on 04-11-2019

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