2014 15 के दौरान राजस्थान में तिलहन के उत्पादन था

2014 15 Ke Dauran Rajasthan Me Tilhan Ke Utpadan Tha

Gk Exams at  2018-03-25
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GkExams on 06-02-2019

विश्व के भौगोलिक क्षेत्र का भारत के पास लगभग 2.4 प्रतिशत एवं जल संसाधन का लगभग 4 प्रतिशत हिस्सा ही आता है जबकि विश्व की कुल जनसंख्या के 17.5 प्रतिशत एवं पशुधन के 15 प्रतिशत के हिस्से को उसे सहारा देना पड़ता है। भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि एवं संबद्ध क्रियाकलाप एक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है जो देश की जीडीपी में लगभग 14 प्रतिशत एवं निर्यात में लगभग 11 प्रतिशत का योगदान करता है। भारतीय कृषि में बेहतर निष्पादन मानसून पर निर्भर करता है। जिस वर्ष मानसूनी वर्षा सामान्य अथवा अधिक होती है उस वर्ष कृषिगत उत्पादन में भी वृद्धि देखी जाती है। इसी तरह जिस वर्ष मानसूनी वर्षा सामान्य से कम होती है, उस वर्ष कृषिगत उत्पादन में कमी देखी जाती है। वर्ष 2012-13 के दौरान मानसूनी वर्षा में कमी के कारण खाद्यान्न उत्पादन घटकर 257.13 मिलियन टन हो गया था जबकि 2013-14 के दौरान अच्छे मानसून के कारण ही खाद्यान्न उत्पादन 265.57 मिलियन टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। उल्लेखनीय है कि इससे पहले वर्ष 2011-12 में कुल खाद्यान्न उत्पादन 259.57 मिलियन टन के रिकॉर्ड उत्पादन पर पहुंचा था। हाल ही में जारी वर्ष 2014-15 कृषिगत उत्पादन के द्वितीय अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2014 के मानसून सीजन के दौरान अनियमित बारिश होने के चलते चावल, मोटे अनाजों एवं दालों का उत्पादन गिर जाने के कारण इस बार कुल खाद्यान्न उत्पादन पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले कुछ कम रहने का आकलन है। कृषिगत उत्पादन के नवीनतम अग्रिम अनुमान के महत्त्वपूर्ण आंकड़े इस प्रकार हैं-

  • 18 फरवरी, 2015 को जारी द्वितीय अग्रिम अनुमान के अनुसार, वर्ष 2014-15 में 257.07 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन (विगत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.38 प्रतिशत कम) का आकलन है। यह देश में अब तक चौथे सर्वाधिक सालाना खाद्यान्न उत्पादन को दर्शाता है।
  • इससे पूर्व वर्ष 2013-14 (265.57 मिलियन टन), वर्ष 2012-13 (257.13 मिलियन टन) और वर्ष 2011-12 (259.29 मिलियन टन) में कुल खाद्यान्न का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ था।
  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014-15 में खाद्यान्न उत्पादन हेतु 261.00 मिलियन टन का लक्ष्य रखा गया था।
  • वर्ष 2013-14 (अंतिम अनुमान के अनुसार) में कुल खाद्यान्न उत्पादन 2012-13 की तुलना में 3.28 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ रिकॉर्ड 265.57 मिलियन टन रहा था।
  • द्वितीय अग्रिम अनुमान के अनुसार, वर्ष 2014-15 में गन्ने को छोड़कर अधिकतर प्रमुख फसलों के उत्पादन में कमी होने का अनुमान है।
  • उल्लेखनीय है कि इस अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2014-15 में गन्ने का रिकॉर्ड उत्पादन (354.95 मिलियन टन) होने का अनुमान है, जो पिछले पांच वर्षों के औसत उत्पादन से 17.64 मिलियन टन ज्यादा है।
  • वर्ष 2014-15 के कृषिगत उत्पादन के प्रमुख फसलों के संदर्भ में द्वितीय अग्रिम अनुमान संबंधी आंकड़े विगत दो वर्षों के आंकड़ों के साथ अग्रलिखित तालिका में दृष्टव्य हैं :-

भारत में कृषिगत उत्पादन

फसल2012-13(अंतिम अनुमान)कृषिगत उत्पादन2013-14(मिलियन टन में) 2014-15(द्वितीय अ. अनुमान)(अंतिम अनुमान) (लक्ष्य)अ. अनुमान)(द्विती अ. अनुमान)चावल105.24106.19106.65106.00103.04गेहूं93.5195.6095.8594.0095.76मोटे अनाज40.0441.6443.2941.5039.83मक्का22.2623.2924.2623.0022.97ज्वार5.285.535.545.504.83बाजरा8.748.809.259.007.91अन्य मोटे अनाज3.764.034.244.004.12कुल अनाज238.79243.43245.79241.50238.64कुल दलहन18.3419.7719.7819.5018.43तूर3.023.343.173.722.75चना8.839.799.539.308.28उड़द1.901.591.701.611.61मूंग1.191.281.611.501.39अन्य दलहन3.253.783.783.374.40कुल खाद्यान्न257.13263.20265.57261.00257.07कुल नौ तिलहन30.9432.9832.7533.0029.83सोयाबीन14.6712.4511.8611.9511.64मूंगफली4.709.149.719.067.47रेपसीड एवं सरसों8.038.257.888.607.36अन्य तिलहन3.553.143.303.394.25गन्ना341.20345.92352.14345.00354.95कपास*342.20356.02359.02350.00351.52जूट एवं मेस्ता**109.30113.06116.90112.00114.68*प्रत्येक 170 किग्रा. की लाख गांठें; **प्रत्येक 180 किग्रा. की लाख गांठें

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Comments pramod kumar on 31-01-2019

2014-15 में बाजरे का सर्वाधिक उत्पादन किस ज़िले में हुआ

Randeep Poonia on 23-10-2018

Bajra utpadan sarwadika 2014-15 plz confirm reply


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