भारत में नोट छापने का कारखाना कहां पर है

Bharat Me Note Chhapne Ka Karkhana Kahan Par Hai

GkExams on 12-05-2019

देश में चार बैंक नोट प्रेस, चार टकसाल और एक पेपर मिल है. नोट प्रेस मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में है. देवास नोट प्रेस में साल में 265 करोड़ रुपए के नोट छपते हैं जिसमें 20, 50, 100, 500, रूपए के नोट छापे जाते हैं. मध्‍यप्रदेश के देवास में ही नोटों में प्रयोग होने वाली स्याही का प्रोडक्‍शन होता है.



करेंसी प्रेस नोट नासिक में साल 1991 से 1, 2, 5, 10, 50, 100 रुपए के नोट छापे जाते हैं. पहले यहां सिर्फ 50 और 100 रुपए के नोट ही छापे जाते थे लेकिन अब नासिक में 2000 और 500 के नए नोट भी छापे जा रहे हैं. मध्यप्रदेश के ही होशंगाबाद में सिक्योरिटी पेपर मिल है. नोट छपाई के पेपर होशंगाबाद और विदेश से आते हैं और 1000 रुपए के नोट मैसूर में छपते हैं.



नोट छापने से पहले विदेश और होशंगाबाद से आई पेपर शीट को एक खास मशीन सायमंटन में डाली जाती है इसके बाद एक अन्य मशीन जिसे इंटाब्यू कहा जाता है उससे कलर किया जाता है. इसके बाद पेपर शीट पर नोट छप जाते हैं. इस प्रक्रिया के बाद अच्‍छे और खराब नोट की छटनी की जाती है. एक पेपर शीट में करीब 32 से 48 नोट होते हैं. नोट छाटने के बाद उस पर चमकीली स्याही से संख्या मुद्रित की जाती है.



जब कोई नोट पुराना हो जाता है या फिर से मार्केट में सर्कुलेशन में लाने योग्य नहीं रहता है तो उसे बैंकों के जरिए जमा कर लिया जाता है. इन नोटों को फिर से मार्केट में नहीं भेजकर आरबीआई इसे नष्‍ट कर देती है. पहले इन नोटों को जला दिया जाता था लेकिन पर्यावरण को होने वाले नुकसान को ध्‍यान में रखते हुए आरबीआई इन नोटों को हाल में ही विदेश से 9 करोड़ रुपए की लागत से आयात की गई मशीन से छोटे-छोटे टुकड़ों में काट देती है जिसे गलाकर ईंट बनाया जाता है और जिसका इस्‍तेमाल कई कामों में होता है.


GkExams on 12-05-2019

देश में चार बैंक नोट प्रेस, चार टकसाल और एक पेपर मिल है. नोट प्रेस मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में है. देवास नोट प्रेस में साल में 265 करोड़ रुपए के नोट छपते हैं जिसमें 20, 50, 100, 500, रूपए के नोट छापे जाते हैं. मध्‍यप्रदेश के देवास में ही नोटों में प्रयोग होने वाली स्याही का प्रोडक्‍शन होता है.



करेंसी प्रेस नोट नासिक में साल 1991 से 1, 2, 5, 10, 50, 100 रुपए के नोट छापे जाते हैं. पहले यहां सिर्फ 50 और 100 रुपए के नोट ही छापे जाते थे लेकिन अब नासिक में 2000 और 500 के नए नोट भी छापे जा रहे हैं. मध्यप्रदेश के ही होशंगाबाद में सिक्योरिटी पेपर मिल है. नोट छपाई के पेपर होशंगाबाद और विदेश से आते हैं और 1000 रुपए के नोट मैसूर में छपते हैं.



नोट छापने से पहले विदेश और होशंगाबाद से आई पेपर शीट को एक खास मशीन सायमंटन में डाली जाती है इसके बाद एक अन्य मशीन जिसे इंटाब्यू कहा जाता है उससे कलर किया जाता है. इसके बाद पेपर शीट पर नोट छप जाते हैं. इस प्रक्रिया के बाद अच्‍छे और खराब नोट की छटनी की जाती है. एक पेपर शीट में करीब 32 से 48 नोट होते हैं. नोट छाटने के बाद उस पर चमकीली स्याही से संख्या मुद्रित की जाती है.



जब कोई नोट पुराना हो जाता है या फिर से मार्केट में सर्कुलेशन में लाने योग्य नहीं रहता है तो उसे बैंकों के जरिए जमा कर लिया जाता है. इन नोटों को फिर से मार्केट में नहीं भेजकर आरबीआई इसे नष्‍ट कर देती है. पहले इन नोटों को जला दिया जाता था लेकिन पर्यावरण को होने वाले नुकसान को ध्‍यान में रखते हुए आरबीआई इन नोटों को हाल में ही विदेश से 9 करोड़ रुपए की लागत से आयात की गई मशीन से छोटे-छोटे टुकड़ों में काट देती है जिसे गलाकर ईंट बनाया जाता है और जिसका इस्‍तेमाल कई कामों में होता है.



Comments Kanika sharma on 10-06-2020

Bharat me note chapne ke naye karkhane kha hai proper location.

Suraj Dhakar on 22-07-2019

Bharat me not cahapne vala karkhana kha pr h

India primenishter name on 12-05-2019

Modo

Gulkashan on 12-05-2019

Jo officer note chhapte hai wo kis grade me hote hai ar onhe kya khte hai

Mr. Shivnandan. Singh on 10-04-2019

Bharat me note chhapane karkhana Kaha hai

Dharmendra singh on 18-08-2018

सांड युद्ध कहा का राष्ट्रीय खेल है ?




Labels: , , , , ,
अपना सवाल पूछेंं या जवाब दें।




Register to Comment