जीवाणुओं की आर्थिक महत्व

Bacteria Ki Aarthik Mahatva

Pradeep Chawla on 30-09-2018

जीवाणुओं का आर्थिक महत्व
1. कृषि में (In agriculture)



Source: www.microbiologyonline.org.com
कुछ जीवाणु भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाते हैं. सभी पौधों के लिए नाइट्रोजन आवश्यक है. वायुमंडल में नाइट्रोजन लगभग 7.8% होती है. प्राय: पौधें नाइट्रेट्स के रूप में नाइट्रोजन लेते हैं. पृथ्वी में नाइट्रेट्स निम्न प्रकार से बनती हैं-
- नाइट्रोजन स्थिरीकरण जीवाणुओं द्वारा (By nitrogen fixing bacteria)
- नाइट्रिंग बैक्टीरिया और नाइट्रीकारक जीवाणु (Nitrifying bacteria)
- मृत पौधों या जंतुओं के सड़ने से (Decay of dead plants and animal bodies)
- सल्फर जीवाणु से (Sulphur bacteria)


2. डेरी में (In dairy)



Source: www. qph.ec.quoracdn.net.com
क्या आप जानते हैं की दूध में स्ट्रेप्टोकोकस लैक्टिस एवं लैक्टोबैसिलस लैक्टिस नामक जीवाणु पाये जाते हैं. ये जीवाणु दूध में पाये जाने वाली लाक्टोस शर्करा का किण्वन करके लैक्टिक अम्ल (lactic acid) बनाते हैं, जिसके कारण दूध खट्टा हो जाता है. दूध को 15 सेकंड तक 710C पर गर्म करके शीघ्रता से ठंडा करने पर लैक्टिक अम्ल जीवाणुओं की संख्या कम हो जाती है. इस क्रिया को पाश्चुरीकरण (pasteurization) कहते हैं.
लैक्टिक अम्ल जीवाणु (lactic acid bacteria) दुश में पाये जाने वाले केसीन नामक प्रोटीन की छोटी-छोटी बूंदों को एकत्रित करके दही जमाने में सहायता करते हैं. दही को मथने से मक्खन और गर्म करने पर घी तैयार हो जाता है. जब दूध से पनीर को बनाया जाता है तो इस क्रिया में लैक्टोबैसिलस लैक्टिस तथा ल्यूकोनोस्टोक सिट्रोवोरम भाग लेते हैं. 


3. औद्योगिक महत्व (Industrial value)
औद्योगिक द्रष्टिकोण से जीवाणु अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं. उनमें से कुछ निम्नलिखित हैं-
- सिरके का निर्माण शर्करा घोल से एसीटोबैक्टर ऐसीटी नामक जीवाणु द्वारा होता है.
- शर्करा के घोल से ब्यूटाइल एल्कोहोल एवं ऐसीटोन का निर्माण क्लोस्ट्रीडियम एसीटोब्यूटाइलिकम जीवाणु द्वारा किया जाता है.
- कुछ जीवाणुओं, जैसे बैसिलस मेगाथीरियम एवं मिक्रोकोकस कैंडीडैनस द्वारा तम्बाकू की पत्ती में सुगंध एवं स्वाद बढ़ जाता है जो कि इन जीवाणुओं की किण्वन क्रिया द्वारा होता है.
- चाय के उद्योग और चमड़ा के उद्योग में भी जीवाणुओं का काफी महत्व है.


4. औषधियां (Medicines)



कुछ एंटीबायोटिक दवाओं जीवाणुओं की क्रिया से बनाई जाती हैं, जैसे बैसिलस ब्रेविक्स से एंटीबायोटिक-थायरोक्सिन और बैसिलस सब्टिलिस से एंटीबायोटिक- सब्टिलिन आदि.


5. विविध (Miscellaneous)
कुछ जीवाणु कार्बनिक मल पदार्थों जैसे गोबर, मल व पेड़-पौधों की सड़ी-गली पत्तियों को खाद तथा ह्यूमस में बदलकर उपयोगी बनाते हैं. एशरिकिया कोली नामक जीवाणु मनुष्य व दुसरे जंतुओं की छोटी आंत में रहता है और विटामिन का निर्माण करता है.
ऐसा कहना गलत नहीं होगा की जीवाणु हामारी काफी मदद करते हैं, आर्थिक सहायता करते है जैसे की हमने ऊपर आर्टिकल में देखा परन्तु कुछ ऐसी भी क्रियाएं है जीवाणुओं की जिनसे नुक्सान भी पहुचता है जैसे कि भोजन का सड़ना, रोग का होना, कपास का नाश आदि.





Comments Ajju Bhai 94 on 28-10-2021

Thanks for answer.
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Kastom room 1V1 aajavo koi

Isha Banwale on 26-11-2020

Jivanuo ka arthik mahatva

Tomesh tiwari on 13-10-2020

jiuvanu KO aarthik mahatv

Mohd Arif on 12-09-2018

Cyno bacteria ka aarthik mehtva batao hindi me



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