बरनौली प्रमेय के अनुप्रयोग

Bernolli Pramey Ke Anuprayog

Gk Exams at  2020-10-15

Pradeep Chawla on 13-10-2018

तरल गतिकी में, बर्नूली का सिद्धान्त (Bernoullis principle) या बर्नूली का प्रमेय निम्नवत है:



किसी प्रवाह में, तरल का वेग बढ़ने पर पर तरल की स्थितिज उर्जा में कमी होती है या उस स्थान पर दाब में कमी हो जाती है। यह सिद्धान्त डच-स्विस गणितज्ञ डैनियल बर्नौली के नाम पर रखा गया है। इस सिद्धान्त की खोज उन्होंने ही की थी और 1738 में अपनी हाइड्रोडाय्नैमिका नामक पुस्तक में प्रकाशित किया था।



बर्नौली समीकरण का विशेष स्थिति में स्वरूप



माना कि:



तरल असंपीड्य (इन्कम्प्रेसिबल) है,

श्यानता शून्य है,

स्थाई अवस्था प्राप्त हो गयी है तथा प्रवाह अघूर्णी िर्रोटेशनल) है, तो



इस स्थिति में बर्नौली का समीकरण निम्नवत है:



e m = v 2 2 + g h + p ϱ = c o n s t {displaystyle {e_{m}}={v^{2} over 2}+gh+{p over varrho }=mathrm {const} } {displaystyle {e_{m}}={v^{2} over 2}+gh+{p over varrho }=mathrm {const} }



जहाँ:



e m {displaystyle e_{m}} {displaystyle e_{m}} - तरल के ईकाई द्रव्यमान की ऊर्जा

ϱ {displaystyle varrho } {displaystyle varrho } - तरल का घनत्व

v {displaystyle v} {displaystyle v} - संबन्धित स्थान पर तरल का वेग

h {displaystyle h} {displaystyle h} - सम्बन्धित स्थान की किसी सन्दर्भ के सापेक्ष ऊँचाई

g {displaystyle g} {displaystyle g} - गुरुत्वजनित त्वरण

p {displaystyle p} {displaystyle p} - संबन्धित स्थान पर दाब



Comments Rajesh Kumar sori on 05-02-2020

P+1/2pv2

Soniya on 29-12-2019

Brnoli primey ke anupryog

Riya bhandari on 07-12-2018

Applications of barnauli theorem

प्रताप लोधी on 12-08-2018

बरनोली प्रमेय के अनुप्रयोग



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