बरनॉली की प्रमेय

बरनॉली Ki Pramey

Gk Exams at  2020-10-15

Pradeep Chawla on 12-05-2019

तरल गतिकी में, बर्नूली का सिद्धान्त (Bernoullis principle) या बर्नूली का प्रमेय निम्नवत है:



किसी प्रवाह में, तरल का वेग बढ़ने पर पर तरल की स्थितिज उर्जा में कमी होती है या उस स्थान पर दाब में कमी हो जाती है। यह सिद्धान्त डच-स्विस गणितज्ञ डैनियल बर्नौली के नाम पर रखा गया है। इस सिद्धान्त की खोज उन्होंने ही की थी और १७३८ में अपनी हाइड्रोडाय्नैमिका नामक पुस्तक में प्रकाशित किया था।



बर्नौली समीकरण का विशेष स्थिति में स्वरूप



माना कि:



तरल असंपीड्य (इन्कम्प्रेसिबल) है,

श्यानता शून्य है,

स्थाई अवस्था प्राप्त हो गयी है तथा प्रवाह अघूर्णी िर्रोटेशनल) है, तो



इस स्थिति में बर्नौली का समीकरण निम्नवत है:



{displaystyle {e_{m}}={v^{2} over 2}+gh+{p over varrho }=mathrm {const} }



जहाँ:



{displaystyle e_{m}} - तरल के ईकाई द्रव्यमान की ऊर्जा

{displaystyle \varrho } - तरल का घनत्व

{displaystyle v} - संबन्धित स्थान पर तरल का वेग

{displaystyle h} - सम्बन्धित स्थान की किसी सन्दर्भ के सापेक्ष ऊँचाई

{displaystyle g} - गुरुत्वजनित त्वरण

{displaystyle p} - संबन्धित स्थान पर दाब



Comments Karnot chackra Kya hai on 09-12-2019

Karnot chackra Kya hai

Gabbar on 12-05-2019

Barnoli ka sidhant kiske sanrakshak ka prakashan hai

Ramsingh on 22-10-2018

All details of barnoli pramay

रोहित कुमार on 17-08-2018

बरनौली प्रमेय का मात्रक किया होता है



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