हरित लवक की संरचना

Harit Lawak Ki Sanrachana

GkExams on 12-05-2019

हरित लवक -

हरित लवकों में पर्णहरित वर्णक व केरोटिनॉइड वर्णक मिलते हैं जो प्रकाश-संश्लेषण के लिए आवश्यक प्रकाशीय ऊर्जा को संचित रखने का कार्य करते हैं। वर्णीलवकों में वसा विलेय केरोटिनॉइड वर्णक जैसे-केरोटीन, जैंथोफिल व अन्य दूसरे मिलते हैं। मंडलवक में मंड के रुप में कार्बोहाइड्रेट संचित होता हैं जैसे-आलूः तेल वलक में तेल व वसा तथा प्रोटीन लवक में प्रोटीन का भंडारण होता हैं। हरित लवकों की लंबाई (5-10 माइक्रोमीटर) व चैड़ाई (2-4 माइक्रोमीटर) के होते हैं।



हरित लवक द्विझिल्लिकायुक्त होते हैं। हरित लवक के अंतःझिल्ली से घिरे हुए भीतर के स्थान को पीठिका (स्ट्रोमा) कहते हैं। पीठिका में चपटे, झिल्लीयुक्त थैली जैसी सरंचना होती है जिसे थाइलेकोइड कहते है। थाइलेकोइड सिक्कों के चट्टों की भांति ढेर से रुप में मिलते हैं। जिसे ग्रेना (एकवचन-ग्रेनम) या झिल्लीनुमा नलिकाएं जो गे्रना के विभिन्न थाइलेकोइड को जोड़ती है उसे पीठीका पट्टलिकाएं कहते हैं। हरित लवक में पाए जाने वाला राइबोसोम (70s) कोशिकाद्रव्यी राइबोसोम (80s) से छोटा होता हैं।



Comments Savita joshi on 25-12-2021

Harit lawak ki sanrachna Sachitra samjhaie

Nikhil sharma on 12-09-2021

Harit lawak bhai Delhi mein Antar jile ke bich Khali jagah Dard bhara hota use kya kahate Hain

Geetanjali on 20-12-2020

Harit lavak tatha Raebosom ke sanrachanaon ka vanrn h

Sonu on 06-10-2020

Harit lavak ka namankit chitra

Rishabh on 30-11-2019

Harit lavak Ki sanrchana

Rishabh on 30-11-2019

Harit lavak Ki karyo ka varnan


Narendr on 02-10-2019

Koshika kise kahte he

Harit lavak ke Kary ka ulekha batyiye on 12-05-2019

Harit lavak ke Karya ka ulekha batyiye



Labels: , , , , ,
अपना सवाल पूछेंं या जवाब दें।




Register to Comment