सर्वप्रथम हमारे सभी प्रिय पाठकों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं (happy ganesh chaturthi)। दोस्तों यह हिन्दू धर्म के मानने वाले लोगों के लिए एक प्रमुख त्योहार है, जो भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व खासतौर पर महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है।
दोस्तों गणेश चतुर्थी केवल धार्मिक तिथि (ganesh chaturthi status) ही नहीं, बल्कि लाभ, सफलता, बुद्धि और विघ्नविनाश का पर्व है, तथा भगवान गणेश के जन्म की ये कथाएँ उनके रूप, स्वरूप और उपासना-विधि के प्रति समाज में विश्वास और उज्जवलता का प्रतीक मानी जाती हैं। इस लेख के माध्यम से हम आपको गणेश चतुर्थी कब है 2025 और इसके बारें में विस्तार से जानकारी देने वाले है....
दोस्तों शिवपुराण के अनुसार, भाद्रपद मास की चतुर्थी तिथि को माता पार्वती ने अपने शरीर के मैल से गणेशजी की उत्पत्ति की थी और उन्हें द्वारपाल बनाया था। भगवान शिव द्वारा उनका सिर काटे जाने के बाद, हाथी का सिर लगाकर पुनर्जीवित किया गया। उसी दिन को गणेश चतुर्थी माना गया है।
इसके अलावा एक मान्यता यह भी है की, महर्षि वेदव्यास जब महाभारत रच रहे थे, तब गणेशजी ने लगातार 10 दिन तक बिना रुके लेखन किया, जिसकी वजह से उनके ऊपर मिट्टी की परत जम गई थी और अनंत चतुर्दशी के दिन स्नान कर शुद्ध हुए। इसी घटना से मूर्ति विसर्जन की परंपरा भी जुड़ी है।
वैसे कहानी कोई भी हो लेकिन दोस्तों गणेश चतुर्थी का त्यौहार हमारे लिए खुशियाँ लेकर आता है। जिसकी वजह से सभी कस्बे या शहर के लोग एक होकर इस त्यौहार को धूमधाम से मनाते है। इसी वजह से कई लोगों के आपसी विवाद भी सुलझ जाते है। और यह त्यौहार हमे हमेशा खुश रहने के लिए प्रेरित करता रहता है।
दोस्तों जैसा की हमने आपको शुरू में बताया था की गणेश चतुर्थी को प्रतिवर्ष हिन्दू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस प्रकार वर्ष 2025 में गणेश चतुर्थी को अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 26 अगस्त 2025 को (ganesh chaturthi kab hai) मनाया जाएगा।
इसके बाद दस दिनों तक चलने वाले इस उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन यानी 06 सितंबर 2025 को गणेश विसर्जन (ganesh chaturthi 2025 visarjan date) के साथ होगा।
दोस्तों इस वर्ष गणेश चतुर्थी की शुरुआत 26 अगस्त 2025 को दोपहर 01:54 AM पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 27 अगस्त को दोपहर 03:44 PM पर होगा। ऐसे में गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दौरान किसी भी समय गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
आपको यह जानना जरूरी है की, भगवान गणेश ने स्वयं कहा है कि जो भक्त गणेश चतुर्थी पर उनका व्रत करता है और उनको प्रसन्न करता है, वह बुद्धि, समृद्धि, और विघ्नों से मुक्ति प्राप्त करता है। इस व्रत की कथा को सुनना और पाठ करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है। Ganesh chaturthi vrat katha इस प्रकार है...
एक दिन की बात है माता पार्वती नदी किनारे भगवान शिव के साथ बैठी थीं। उनको चोपड़ खेलने की इच्छा हुई, लेकिन उनके अलावा कोई तीसरा नहीं था, जो खेल में हार जीत का फैसला करे। ऐसे में माता पार्वती और शिव जी ने एक मिट्टी की मूर्ति में जान फूंक दी और उसे निर्णायक की भूमिका दी।
खेल में माता पार्वती लगातार तीन से चार बार विजयी हुईं, लेकिन एक बार बालक ने गलती से माता पार्वती को हारा हुआ और भगवान शिव को विजयी घोषित कर दिया। इस पर पार्वती जी उससे क्रोधित हो गईं।
क्रोधित पार्वती जी ने उसे बालक को लंगड़ा बना दिया। उसने माता से माफी मांगी, लेकिन उन्होंने कहा कि श्राप अब वापस नहीं लिया जा सकता, पर एक उपाय है। संकष्टी के दिन यहां पर कुछ कन्याएं पूजन के लिए आती हैं, उनसे व्रत और पूजा की विधि पूछना। तुम भी वैसे ही व्रत और पूजा करना। माता पार्वती के कहे अनुसार उसने वैसा ही किया। उसकी पूजा से प्रसन्न होकर भगवान गणेश उसके संकटों को दूर कर देते हैं।
दोस्तों इस लेख से आपको गणेश चतुर्थी कब है इत्यादि की जानकारी मिली। लेकिन आपको बता दे की गणेश चतुर्थी का त्यौहार पूरे भारत में उत्सव भक्ति, उल्लास और एकता का वातावरण लेकर आता है। इसलिए कोशिश करें की आप सब मिलकर इस त्यौहार को शांति से मनावे, धन्यवाद..!