Hiroshima Day 2025: प्रतिवर्ष 06 अगस्त को जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराए जाने की स्मृति में हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। आपकी बेहतर जानकारी के लिए लिए बता दे की 06 अगस्त 1945 की सुबह अमेरिकी वायु सेना ने जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम "लिटिल बॉय" गिराया था। जो की इतिहास का आज भी एक काला दिन (hiroshima day quotes) है।
हिरोशिमा दिवस (hiroshima day speech) को प्रतिवर्ष मनाने का उद्देश्य दुनियाभर के लोगों को परमाणु हथियारों से होने वाले भारी नुकसान के बारे में शिक्षित करना है। यह उन लोगों के लिए एक श्रद्धांजलि के रूप में भी कार्य करता है जिन्होंने खोई हुई जिंदगियों और उन बचे लोगों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने भारी पीड़ा सहन की है।
यहाँ हम आपको 06 अगस्त 1945 को गिराए गये इस परमाणु बम के महत्वपूर्ण सवालों (hiroshima day quiz) के जवाब दे रहे है, जो आपको प्रतियोगिता परीक्षाओं में अक्सर पूंछे जाते है....
6 अगस्त 1945 की सुबह अमेरिकी वायु सेना ने हिरोशिमा पर बम गिराया था। पहली बार परमाणु बम "लिटिल बॉय" गिराया था। ध्यान रहे की इस हमले को अमेरिकी वायु सेना के कर्नल पॉल टिबेट्स ने अपने बी-29 विमान "एनोला गे" से अंजाम दिया था। और इसके तीन दिन बाद, 9 अगस्त 1945 को अमेरिका ने नागासाकी पर दूसरा परमाणु बम "फ़ैट मैन" गिराया था।
दोस्तों हिरोशिमा पर बम इसलिए गिराया गया क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका जापान को जल्दी आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करना चाहता था। अमेरिका का मानना था कि पारंपरिक बमबारी और जमीनी हमले से जापान हार नहीं मान रहा है, इसलिए उन्होंने परमाणु बम का इस्तेमाल किया ताकि युद्ध जल्द खत्म हो सके और अमेरिकी सैनिकों की और मौतें रोकी जा सकें।
हालाँकि कुछ इतिहासकारों का मानना है कि अमेरिका, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सोवियत संघ के सामने शक्ति प्रदर्शन करना चाहता था इसलिए हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया गया था।
दोस्तों हिरोशिमा पर बम गिराए जाने की घटना ने पूरी दुनिया पर गहरा और दूरगामी प्रभाव डाला। इसके मुख्य प्रभाव इस प्रकार रहे...
हजारों मौतें: हिरोशिमा में अनुमानित 140,000 और नागासाकी में 74,000 लोग 1945 के अंत तक मारे गए, जिनमें से बड़ी संख्या में बच्चे और आम नागरिक थे।
बड़े पैमाने पर विनाश: 70% से अधिक इमारतें नष्ट हो गईं और लाखों लोग घायल हुए या विकलांग हुए।
लंबी अवधि के स्वास्थ्य प्रभाव: बम के विकिरण से कैंसर, लीवर, त्वचा की बीमारियाँ, आनुवंशिक बीमारियाँ, मानसिक विकलांगता और गर्भवती महिलाओं में गर्भपात जैसी गंभीर समस्याएँ देखने को मिलीं।
परमाणु हथियारों की होड़: इस हमले ने पूरी दुनिया में परमाणु हथियारों की दौड़ को जन्म दिया। अमेरिका के बाद सोवियत संघ, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन आदि देशों ने परमाणु हथियार विकसित किए, जिससे "कोल्ड वॉर" (शीत युद्ध) जैसी स्थितियाँ बनीं थी।
इस कविता के लेखक सच्चीदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय" द्वारा लिखा गया है। यह कविता (hiroshima day quotes) मानवीय संवेदना स्थापित करते हुए चेतावनी के रूप में प्रस्तुत है। और इस कविता में आधुनिक सभ्यता की दुर्दीत मानवीय विभीषिका का चित्रण है। हिरोशिमा कविता इस प्रकार है...
एक दिन सहसा
सूरज निकला
अरे क्षितिज पर नहीं,
नगर के चौक:
धूप बरसी
पर अंतरिक्ष से नहीं,
फटी मिट्टी से।
छायाएँ मानव-जन की
दिशाहिन
सब ओर पड़ीं-वह सूरज
नहीं उगा था वह पूरब में, वह
बरसा सहसा
बीचों-बीच नगर के:
काल-सूर्य के रथ के
पहियों के ज्यों अरे टूट कर
बिखर गए हों
दसों दिशा में।
कुछ क्षण का वह उदय-अस्त!
केवल एक प्रज्वलित क्षण की
दृष्य सोक लेने वाली एक दोपहरी।
फिर?
छायाएँ मानव-जन की
नहीं मिटीं लंबी हो-हो कर:
मानव ही सब भाप हो गए।
छायाएँ तो अभी लिखी हैं
झुलसे हुए पत्थरों पर
उजरी सड़कों की गच पर।
मानव का रचा हुया सूरज
मानव को भाप बनाकर सोख गया।
पत्थर पर लिखी हुई यह
जली हुई छाया
मानव की साखी है...!