चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार 2025 - इम्यून सिस्टम पर कार्य करने वाले तीन वैज्ञानिकों को मिला


By Rajesh Kumar at  2025-10-11  at 08:48:09
चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार 2025 - इम्यून सिस्टम पर कार्य करने वाले तीन वैज्ञानिकों को मिला
चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार 2025 - इम्यून सिस्टम पर कार्य करने वाले तीन वैज्ञानिकों को मिला





चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार 2025: हाल ही में वर्ष 2025 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा हुई है जिसमे चिकित्सा के लिए इस साल तीन वैज्ञानिकों -"मैरी ई. ब्रंकॉ, फ्रेड रैम्सडेल और शिमोन सकागुची" को "पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस" की खोज के लिए मिला है।

नोबेल ज्यूरी का मानना है की, यह खोज शरीर की रक्षा प्रणाली को समझने में क्रांति लाई है, जो ऑटोइम्यून बीमारियों जैसे रूमेटॉइड आर्थराइटिस, टाइप-1 डायबिटीज और ल्यूपस के इलाज का रास्ता मिलेगा।

चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार 2025 जितने वाले इन तीनों वैज्ञानिको की रिसर्च से न केवल ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज के नए रास्ते खुले हैं, बल्कि कैंसर और ऑर्गन ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं बनी हैं।​

पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस के बारें में-



यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की वह जैविक प्रक्रिया है, जो इम्यून सिस्टम को अपने ही स्वस्थ सेल्स व ऊतकों पर हमला करने से रोकती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य ऑटोइम्यून बीमारियों को रोकना और प्रतिरक्षा संतुलन बनाए रखना है। यदि पेरिफेरल टॉलरेंस सही से न चले, तो शरीर खुद के ही ऊतकों पर हमला करने लगता है, जिससे टाइप-1 डायबिटीज, ल्यूपस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी ऑटोइम्यून बीमारियां होती हैं।​

पेरिफेरल टॉलरेंस तीन मुख्य तरीकों से काम करती है, जो इस प्रकार है:

1. एनर्जी (anergy): स्व-कोशिकाओं को पहचानने के बाद भी इम्यून सेल्स निष्क्रिय हो जाती हैं।

2. सप्रेशन (suppression): रेगुलेटरी टी-सेल्स, अन्य सेल्स की सक्रियता को रोकते हैं।

3. एपोप्टोसिस (apoptosis): स्व-प्रतिक्रियाशील कोशिकाओं का प्राकृतिक रूप से नष्ट हो जाना।​

नोबेल चिकित्सा के लिए भारतीय विजेता-



दोस्तों अब तक के इतिहास में चिकित्सा के क्षेत्र में एकमात्र भारतीय नोबेल विजेता हर गोबिंद खुराना हैं, जिन्हें वर्ष 1968 में आनुवांशिक कोड की व्याख्या और प्रोटीन संश्लेषण में उनके कार्य के लिए सम्मानित किया गया था।​चिकित्सा के लिए यह पुरस्कार मेडिकल, जैविक विज्ञान, जीन, टीके, प्रतिरक्षा प्रणाली और महत्वपूर्ण चिकित्सा खोजों के लिए सबसे प्रतिष्ठित माने जाते हैं।​

Noble Prize Winners Of India-



भारत के नोबेल पुरस्कार विजेताओं की सूची में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

◉ रवींद्रनाथ टैगोर (1913) - साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया। वे पहले एशियाई और पहले गैर-यूरोपीय नोबेल पुरस्कार विजेता (first nobel prize in india) थे।

◉ चंद्रशेखर वेंकटरमन (1930) - भौतिक विज्ञान में नोबेल पुरस्कार, उनके प्रकाश के प्रकीर्णन के कार्य के लिए।

◉ मदर टेरेसा (1979) - मानवता के लिए समर्पित कार्यों के लिए।

◉ अमर्त्य सेन (1998) - अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार, कल्याणकारी अर्थशास्त्र के क्षेत्र में योगदान के लिए।

◉ कैलाश सत्यार्थी (2014) - शांति पुरस्कार, बच्चों के अधिकारों और बच्चों के खिलाफ दमन के विरुद्ध संघर्ष में।

◉ अभिजीत बनर्जी (2019) - अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार, वैश्विक गरीबी को दूर करने के लिए।

◉ हरगोविंद खुराना (1968) - चिकित्सा के क्षेत्र में, आनुवांशिक कोड और प्रोटीन संश्लेषण पर शोध के लिए।

◉ सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेखर (1983) - भौतिकी में, तारों के विकास और संरचना के भौतिक प्रक्रियाओं के सैद्धांतिक अध्ययन के लिए।

◉ वेंकटरमन रामकृष्णन (2009) - रसायन विज्ञान में, राइबोसोम की संरचना और कार्य के अध्ययन के लिए।

How many nobel prize winners in india?



दोस्तों आपको बता दे की भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के नोबेल पुरस्कार विजेताओं की संख्या लगभग अब तक 10 है, जिनका योगदान साहित्य, भौतिक विज्ञान, चिकित्सा, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र और शांति के क्षेत्रों में रहा है। मदर टेरेसा अकेली भारतीय नागरिक महिला हैं जिन्हें नोबेल पुरस्कार मिला है। कई भारतीय मूल के वैज्ञानिक नोबेल पुरस्कार विदेशों में रहते हुए प्राप्त हुए हैं।

हालाँकि मदर टेरेसा को भारतीय नागरिकता प्राप्त थीं लेकिन उनका जन्म मैसेडोनिया में हुआ था। वैसे भारत में रहकर और काम करके नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों की संख्या कम है, ज्यादातर भारतीय मूल के वैज्ञानिक विदेशों में कार्यरत थे जब उन्होंने यह पुरस्कार प्राप्त किया था।

नोबेल पुरस्कार के बारें में-



◉ नोबेल पुरस्कार छह श्रेणियों में दिए जाते हैं जिसमे - चिकित्सा, भौतिकी, रसायन, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के क्षेत्र शामिल है।

◉ यह अवॉर्ड नोबेल फाउंडेशन द्वारा दिया जाता है।

◉ यह स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड बनार्ड नोबेल की याद में दिया जाता है।

◉ अल्फ्रेड बनार्ड नोबेल की राशि स्वीडिश बैंक में जमा है और इस पर जो ब्याज बनता है उससे हर साल नोबेल फाउंडेशन नोबेल प्राइज देता है।

◉ पहला नोबेल शांति पुरस्कार 1901 में शांति के लिए दिया गया था।

◉ किसी एक क्षेत्र में एक साल में अधिकतम 3 लोगों को अवार्ड दिया जा सकता है।





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