Nobel Prize In Literature 2025: हाल ही में वर्ष 2025 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा हुई है जिसमे साहित्य के लिए (nobel prize for literature 2025) इस वर्ष हंगरी के लेखक "लास्ज़लो क्रास्नाहोर्काई" को यह पुरस्कार दिया गया है। यह पुरस्कार उन्हें उनके प्रभावशाली और दूरदर्शी लेखन के लिए मिला, जिसमें विनाश और भय के बीच कला की ताकत को जीवित रखने पर बल दिया गया है।
लास्ज़लो क्रास्नाहोर्काई की प्रमुख शैली गहन, जटिल और दार्शनिक है, जिसमें एक वाक्य कई पन्नों तक फैल सकता है। एवं उनके लेखन में मानवता, विनाश, अराजकता और आशा के विषय गहराई से छिपे हैं।
Nobel Prize In Literature 2025 साहित्य जगत का सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मान है और इसे वैश्विक भाषा व संस्कृति की समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। आपको बता दे की साहित्य के लिए पहला नोबेल पुरस्कार वर्ष 1901 में फ़्रेंच कवि सुली प्रुधोम को दिया गया था।
इतने वर्षों में केवल भारतीयों के नजरिये से देखें तो - साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार पाने वाले भारतीय केवल एक ही हैं, और वह हैं रवींद्रनाथ टैगोर। उन्होंने 1913 में यह पुरस्कार प्राप्त किया था, और वे पहले भारतीय, पहले गैर-यूरोपीय, और पहले एशियाई थे जिन्हें साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार मिला। उनके लिए यह पुरस्कार "गीतांजलि" कविता संग्रह के लिए दिया गया था, जो उनकी संवेदनशील, नवीन और सुंदर कविता का उदाहरण था।
भारत के नोबेल पुरस्कार विजेताओं की सूची में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
◉ रवींद्रनाथ टैगोर (1913) - साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया। वे पहले एशियाई और पहले गैर-यूरोपीय नोबेल पुरस्कार विजेता (first nobel prize in india) थे।
◉ चंद्रशेखर वेंकटरमन (1930) - भौतिक विज्ञान में नोबेल पुरस्कार, उनके प्रकाश के प्रकीर्णन के कार्य के लिए।
◉ मदर टेरेसा (1979) - मानवता के लिए समर्पित कार्यों के लिए।
◉ अमर्त्य सेन (1998) - अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार, कल्याणकारी अर्थशास्त्र के क्षेत्र में योगदान के लिए।
◉ कैलाश सत्यार्थी (2014) - शांति पुरस्कार, बच्चों के अधिकारों और बच्चों के खिलाफ दमन के विरुद्ध संघर्ष में।
◉ अभिजीत बनर्जी (2019) - अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार, वैश्विक गरीबी को दूर करने के लिए।
◉ हरगोविंद खुराना (1968) - चिकित्सा के क्षेत्र में, आनुवांशिक कोड और प्रोटीन संश्लेषण पर शोध के लिए।
◉ सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेखर (1983) - भौतिकी में, तारों के विकास और संरचना के भौतिक प्रक्रियाओं के सैद्धांतिक अध्ययन के लिए।
◉ वेंकटरमन रामकृष्णन (2009) - रसायन विज्ञान में, राइबोसोम की संरचना और कार्य के अध्ययन के लिए।
दोस्तों आपको बता दे की भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के नोबेल पुरस्कार विजेताओं की संख्या लगभग अब तक 10 है, जिनका योगदान साहित्य, भौतिक विज्ञान, चिकित्सा, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र और शांति के क्षेत्रों में रहा है। मदर टेरेसा अकेली भारतीय नागरिक महिला हैं जिन्हें नोबेल पुरस्कार मिला है। कई भारतीय मूल के वैज्ञानिक नोबेल पुरस्कार विदेशों में रहते हुए प्राप्त हुए हैं।
हालाँकि मदर टेरेसा को भारतीय नागरिकता प्राप्त थीं लेकिन उनका जन्म मैसेडोनिया में हुआ था। वैसे भारत में रहकर और काम करके नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों की संख्या कम है, ज्यादातर भारतीय मूल के वैज्ञानिक विदेशों में कार्यरत थे जब उन्होंने यह पुरस्कार प्राप्त किया था।
◉ नोबेल पुरस्कार छह श्रेणियों में दिए जाते हैं जिसमे - चिकित्सा, भौतिकी, रसायन, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के क्षेत्र शामिल है।
◉ यह अवॉर्ड नोबेल फाउंडेशन द्वारा दिया जाता है।
◉ यह स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड बनार्ड नोबेल की याद में दिया जाता है।
◉ अल्फ्रेड बनार्ड नोबेल की राशि स्वीडिश बैंक में जमा है और इस पर जो ब्याज बनता है उससे हर साल नोबेल फाउंडेशन नोबेल प्राइज देता है।
◉ पहला नोबेल शांति पुरस्कार 1901 में शांति के लिए दिया गया था।
◉ किसी एक क्षेत्र में एक साल में अधिकतम 3 लोगों को अवार्ड दिया जा सकता है।