आकाशीय बिजली के बारें में (thunderstorm meaning in hindi): आकाश में चमकने वाली बिजली को हम सरल भाषा में समझे तो, यह वायुमंडल में बनने वाली एक तीव्र विद्युत चमक और तीखे कड़क के साथ होने वाली प्रक्रिया है, जो बादलों के भीतर या बादल और जमीन के बीच विद्युत आवेश के डिस्चार्ज होने से बनती है।
आकाशीय बिजली (lightning strike counter) प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाली बिजली की चमक है, जब बादलों के भीतर या बादल और ज़मीन के बीच सकारात्मक और नकारात्मक चार्ज जमा होकर डिस्चार्ज होते हैं। आपको बता दे की आकाशीय बिजली की इसकी गति बहुत तेज़ होती है (लगभग 3,00,000 किमी/सेकंड), जिससे पहले चमक दिखती है और उसके बाद आवाज़ आती है।
हमेशा मानसून के दौर में हमारे देश में आए दिन बिजली चमकती रहती है इसका मुख्य कारण यह है की, बादलों में नमी और गर्म हवा ऊपर जाती है, जिसके कारण बर्फ के कण और पानी की बूंदें आपस में टकराती हैं। इसके बाद घर्षण से धनात्मक और ऋणात्मक विद्युत आवेश उत्पन्न होता है, जो जब पर्याप्त मात्रा में इकट्ठा हो जाते हैं तो डिस्चार्ज होकर बिजली गिरती है।
अब जैसा की हम सब जानते है धरती पर ऋणात्मक करंट रहता है इसलिए बादल के निचले हिस्से का चार्ज (नकारात्मक) धरती की सतह पर मौजूद पॉजिटिव चार्ज की ओर आकर्षित होता है, जिससे बिजली बिना वायर के भूमि तक पहुंच जाती है। और फिर काफी नुकसान धरती पर रहने वाले लोगों को दे जाती है।
दोस्तों अगर दुनियाभर की बात करें तो प्रतिवर्ष लगभग 2 करोड़ 60 लाख आकाशीय बिजली की घटनाएँ होती हैं। इसके अलावा केवल वर्ष 2025 में भारत के कई राज्यों में बिजली गिरने से मौतों में 184% की वृद्धि दर्ज की गयी है। इसलिए हमें इस खतरे से बचने का प्रयास करना चाहिए।
सबसे पहले तो आप यह जान लें की बिजली गिरने के दौरान सुरक्षा उपाय अपनाना ही आपके लिए जीवनरक्षक सिद्ध हो सकता है। कई-कई बार हम ऐसी परिस्थिति में होते है जहाँ मौसम खराब होने के दौरान कुछ भी नही कर सकते है। हालाँकि ये बात अलग है लेकिन अगर हम सब कुछ जानकर भी मौसम खराब होने के दौरान बाहर निकलते है तो यह कोरी बेवकूफी है.
यहाँ हम आपको निम्नलिखित बिन्दुओं द्वारा आकाशीय बिजली गिरने से बचने के उपायों के बारें में बता रहे है, जिन्हें आप कठिन परिस्थितियों के दौरान अपना सकते है:
उपाय 1. बिजली कड़कने के दौरान मजबूत भवन या वाहन में शरण लें, खासकर ऐसी जगह जिसमें वायरिंग और प्लंबिंग हो।
उपाय 2. मौसम खराब होने पर खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे, टावर या किसी भी ऊंची वस्तु से दूर रहें।
उपाय 3. अपने घर की खिड़की, दरवाजे, धातु की चीज़ों, नलों, पाइप और तार वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाए रखें।
उपाय 4. घर में टेलीफोन, नहाना, बर्तन धोना, या जल संबंधित कार्य तूफान के दौरान न करें, क्योंकि पानी और पाइप बिजली को आसानी से प्रभावित करते हैं।
उपाय 5. अंतिम गड़गड़ाहट के कम से कम 30 मिनट बाद ही बाहर निकलें, क्योंकि बिजली का खतरा जारी रह सकता है।
उपाय 6. पानी के स्रोत (पूल, तालाब, नदी, समुद्र) से दूर रहें, तथा भीड़ से बचें।
उपाय 7. मोबाइल फोन का उपयोग सिर्फ आपातकाल में और अंदर ही करें।
दोस्तों आकाशीय बिजली गिरने के संकेत और उससे बचाव के लिए सर्वोत्तम सुरक्षा उपाय जानना बेहद जरूरी है। कुछ साफ़ संकेतों और वैज्ञानिक विधियों के आधार पर खुद को व अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है, जो इस प्रकार है:
• शरीर में झुरझुरी या रोंगटे खड़े होना और बाल खड़े होना, ऐसा होने लगे तो समझें बिजली आसपास गिरने वाली है।
• मोबाइल, टीवी या अन्य उपकरणों में अचानक असामान्य गतिविधि दिखना।
• आसमान में घने काले बादल तेजी से घूमना और बार-बार बिजली चमकना।
• अगर बिजली की चमक देख रहे हैं और कुछ सेकंड बाद तेज़ आवाज सुनाई दे, तो समझें बिजली आसपास कहीं गिरी है।
• सरकारी सलाहें (NDMA) बिजली गिरने के समय सतर्क रहने को कहती हैं इसलिए इनका पालन करें।
उपरोक्त सभी संकेतों व उपायों को समझकर आप बिजली गिरने से पहले होने वाले नुकसान से बच सकते है, ध्यान रहे की अंतिम गड़गड़ाहट के कम से कम 30 मिनट बाद ही बाहर निकलें, क्योंकि बिजली का खतरा आगे भी जारी रह सकता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार बताया जाता है की, आकाशीय बिजली में आमतौर पर 30 करोड़ (300 Million) वोल्ट तक का वोल्टेज होता है, और यह लगभग 30,000 एम्पियर करंट ले जाती है। और कभी-कभी इसकी वोल्टेज क्षमता 10 करोड़ (100 Million) वोल्ट से भी अधिक हो सकती है।
वैसे आपको ध्यान हो की, सामान्य घरेलू बिजली केवल 120-240 वोल्ट होती है, जबकि आकाशीय बिजली इससे करोड़ों गुना अधिक शक्तिशाली होती है। इसलिए अगर यह किसी घर पर गिरती है तो वहां की वायरिंग को नुकसान और जनहानि भी कर सकती है।
हमारे देश में गाँव के इलाकों के लोग आज भी कई बातों पर विश्वास किए हुए है की, बिजली काले सांप पर गिरती है या फिर एक विशेष व्यक्ति पर गिरती है। लेकिन दोस्तों ऐसा कुछ नही है इसे आप ऐसे समझे की जो बेवकूफी करेगा बिजली उसी पर ही बिजली गिरती है।
क्योंकि आकाशीय बिजली मुख्यतः उन स्थानों पर गिरती है जो विद्युत आवेश को धरती की सतह तक पहुंचाने के लिए सबसे अधिक अनुकूल होते हैं। जैसे - जमीन पर ऊंची वस्तुएं पेड़, इमारतें, टावर, खंभे, और भवन बिजली गिरने के प्रमुख लक्ष्य होते हैं क्योंकि ये विद्युत आवेश को पृथ्वी तक पहुंचाने का रास्ता प्रदान करते हैं।
इसके अलावा समतल मैदान में सबसे ऊंची वस्तु पर बिजली गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है, उदाहरण स्वरूप कोई इंसान जब खुले मैदान में सबसे ऊंचा होता है तो उस पर गिरने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए मौसम खराब होने के दौरान बाहर न निकले और अपना बचाव करें।