Surya Grahan 2025 : सितम्बर महीने की इस तारीख को लगेगा | जाने सूर्य ग्रहण टाइम इन इंडिया


By Rajesh Kumar at  2025-08-16  at 14:38:16
Surya Grahan 2025 : सितम्बर महीने की इस तारीख को लगेगा | जाने सूर्य ग्रहण टाइम इन इंडिया
Surya Grahan 2025 : सितम्बर महीने की इस तारीख को लगेगा | जाने सूर्य ग्रहण टाइम इन इंडिया





सूर्य ग्रहण के बारें में: दोस्तों यह एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जिसने सदियों से मानव जाति को आकर्षित किया है। सामान्य भाषा में समझें तो - जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तो पृथ्वी के कुछ हिस्सों पर सूर्य का प्रकाश पूरी तरह या आंशिक रूप से रुक जाता है। इस स्थिति को ही सूर्य ग्रहण कहा जाता है।

सूर्य ग्रहण के दौरान जब चंद्रमा अपनी कक्षा में घूमते-घूमते सूर्य और पृथ्वी के ठीक बीच आ जाता है, तो वह सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुँचने से रोक (surya grahan timing) देता है। नतीजतन कुछ समय के लिए दिन में अंधेरा छा जाता है जिसे दिन में रात या शाम जैसा अनुभव किया जा सकता है।

Surya Grahan 2025 -



वर्ष 2025 में दो बार सूर्य ग्रहण लगने वाले है, जहाँ पहला मार्च 2025 में लग चुका है। दूसरा 21 सितंबर 2025 को लगने जा रहा है। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में (surya grahan 2025 in india date and time) नहीं दिखाई देगा। 21 सितम्बर को भारतीय समयानुसार रात लगभग 11.00 बजे शुरू होगा और 22 सितम्बर की सुबह तक (surya grahan kab se kab tak hai) जारी रहेगा। यह सुबह लगभग 3.24 बजे समाप्त होगा।

सूर्य ग्रहण टाइम इन इंडिया -



दोस्तों 21 सितम्बर को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नही देगा इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। इस ग्रहण के दौरान सूर्य का 86% हिस्सा चंद्रमा की छाया के पीछे छिप जाएगा। न्यूजीलैंड के दक्षिणी द्वीप के दक्षिणी भाग में ग्रहण सबसे गहरा दिखाई देगा। वहीँ वर्ष 2025 का का दूसरा सूर्य ग्रहण न्यूजीलैंड के अलावा फिजी, अंटार्कटिका और ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी हिस्से में देखा जा सकेगा।

सूर्य ग्रहण के प्रकार -



पूर्ण सूर्य ग्रहण: यह तब होता है जब चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढक लेता है और पृथ्वी के कुछ हिस्सों पर पूरी तरह अंधकार छा जाता है। यह घटना बहुत कम क्षेत्रों में देखने को मिलती है।

आंशिक सूर्य ग्रहण: इसमें चंद्रमा सूर्य का केवल कुछ हिस्सा ही ढकता है। बाकी सूर्य का भाग दृश्यमान रहता है।

वलयाकार सूर्य ग्रहण: जब चंद्रमा पृथ्वी से थोड़ा दूर होता है और पूरे सूर्य को ढक नहीं पाता, तो सूर्य के चारों ओर एक चमकदार "आग का छल्ला" दिखाई देता है, जिसे वलयाकार ग्रहण कहा जाता है।

Surya grahan kab hota hai ?



जैसा की हमने पहले भी जिक्र किया है, सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है, जिससे सूर्य का कुछ या पूरा हिस्सा ढक जाता है। यह एक खगोलीय घटना है जो तब होती है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में होते हैं।

हालाँकि भारत सहित कई देशों में सूर्य ग्रहण को लेकर अनेक पौराणिक कथाएँ हैं। हिंदू धर्म में माना जाता है कि सूर्य ग्रहण के समय दान-पुण्य, स्नान आदि का विशेष महत्व होता है। हालांकि आधुनिक विज्ञान इसे एक प्राकृतिक घटना मानता है, परंतु सांस्कृतिक दृष्टि से यह अध्यात्म और रहस्य से जुड़ा है।

सूर्य ग्रहण के समय सावधानी -



दोस्तों सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य की ओर सीधे देखना आँखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे समय विशेष सुरक्षित चश्मों की सहायता से ही सूर्य को देखना चाहिए, अन्यथा आँखों की रोशनी स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकती है।





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